हरिद्वार: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन कुंभ मेला 2027 हरिद्वार की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार पहुंचकर मेला नियंत्रण भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की प्रगति का आकलन किया गया और प्रस्तावित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में कहा कि कुंभ मेले का आयोजन “दिव्य और भव्य” होना चाहिए और इसके लिए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों में तेजी, सीवर और सड़कों पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य सचिव ने हरिद्वार में चल रहे सीवर लाइन निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़कें खोदी गई हैं, उन्हें तत्काल ठीक किया जाए ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
अपर रोड के निर्माण कार्य को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने और अन्य शेष कार्यों को 30 जून तक समाप्त करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया गया। इसके साथ ही, कार्यों की निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी और परियोजना प्रबंधक की एक संयुक्त समिति गठित कर दैनिक समीक्षा के निर्देश दिए गए।
गंगा की स्वच्छता और अविरलता पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने गंगा नदी की स्वच्छता और अविरलता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी या सीवर सीधे गंगा में न जाने पाए।
सभी नालों को सीवर लाइन से जोड़ने और उनकी स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन को स्पष्ट किया गया कि गंगा की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
बिजली, गैस और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
बैठक में विद्युत आपूर्ति और गैस व्यवस्था को भी अहम मुद्दे के रूप में उठाया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भूमिगत बिजली लाइनों में किसी भी खराबी को तुरंत ठीक किया जाए और पुराने खंभों को हटाकर वितरण बॉक्स को व्यवस्थित तरीके से स्थापित किया जाए।
इसके अलावा, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन वितरण के लिए शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। सभी आश्रमों, धर्मशालाओं और होटलों से एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्राप्त करने को कहा गया, ताकि कुकिंग गैस की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
ट्रैफिक और पार्किंग प्लान पर व्यापक मंथन
कुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक और पार्किंग योजना को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी हितधारकों से सुझाव लेकर एक प्रभावी और व्यवहारिक योजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि इस योजना को मंडलायुक्त स्तर पर अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाए, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य सुविधाओं को किया जाएगा अपग्रेड
कुंभ मेला 2027 हरिद्वार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने और इसकी सुविधाओं को जल्द उपयोग में लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, 15 दिनों के भीतर 3 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और नई विद्युत लाइन के निर्माण के निर्देश दिए गए। मेले के दौरान एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और बोट एंबुलेंस की तैनाती पर भी विचार किया गया।
घाटों की सुरक्षा और धार्मिक मार्गों का होगा सुधार
कुंभ मेला 2027 हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को अनिवार्य किया गया।
इसके साथ ही मनसा देवी मंदिर और चंडी देवी मंदिर के मार्गों के सुधार कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
36 स्थायी और 19 अस्थायी कार्य स्वीकृत
कुंभ मेला 2027 हरिद्वार के बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने जानकारी दी कि अब तक 36 स्थायी और 19 अस्थायी कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अलावा, 32 सेक्टरों का विस्तृत सेक्टर प्लान भी तैयार कर लिया गया है।
सभी कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को रोका जा सके।
हितधारकों से संवाद, सहयोग की अपील
मुख्य सचिव ने विभिन्न संगठनों—श्री गंगा सभा, व्यापार मंडल, आश्रम एवं होटल संचालकों, टैक्सी और ऑटो यूनियन तथा सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों—के साथ भी बैठक कर उनके सुझाव और समस्याएं सुनीं।
उन्होंने सभी से कुंभ मेला 2027 हरिद्वार के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
कुंभ मेला 2027 हरिद्वार की तैयारियों को लेकर सरकार की सक्रियता यह दर्शाती है कि इस बार आयोजन को और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यदि तय समयसीमा में सभी कार्य पूरे होते हैं, तो यह कुंभ मेला न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से, बल्कि प्रबंधन और आधारभूत संरचना के लिहाज से भी एक मिसाल बन सकता है।
