नई दिल्ली/ India Heatwave 2026: देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई शहरों में दिन के समय सड़कें सूनी दिखाई देने लगी हैं। India Heatwave 2026 के बीच 26 मई को देश के 21 जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में पारा 47 डिग्री के करीब पहुंच गया।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आने वाले तीन से चार दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। हालांकि राहत की खबर यह है कि 29 मई के बाद तापमान में गिरावट शुरू होने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गर्मी का सबसे ज्यादा असर
देश में इस समय सबसे ज्यादा गर्मी का प्रभाव उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री अधिक है। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गर्म हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की कमी के कारण तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।
इन जिलों में 45 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ तापमान
26 मई को जिन प्रमुख जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, उनमें शामिल हैं—
- बांदा (उत्तर प्रदेश): 47.4°C
- श्रीगंगानगर (राजस्थान): 47.0°C
- ब्रह्मपुरी (विदर्भ): 46.6°C
- खजुराहो (मध्य प्रदेश): 46.4°C
- चंद्रपुर (विदर्भ): 46.4°C
- सिरसा (हरियाणा): 46°C
- बीकानेर (राजस्थान): 46°C
- फलोदी (राजस्थान): 46°C
- भटिंडा (पंजाब): 45.8°C
- उरई (उत्तर प्रदेश): 45.8°C
- रोहतक (हरियाणा): 45.6°C
- जैसलमेर (राजस्थान): 45.6°C
- नौगांव (मध्य प्रदेश): 45.6°C
- झांसी (उत्तर प्रदेश): 45.5°C
इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया।
IMD का अनुमान: अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 3 से 4 दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। विशेष रूप से बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और खुले में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), चक्कर आना, थकान और हीट स्ट्रोक जैसे खतरे इस दौरान तेजी से बढ़ सकते हैं।
29 मई के बाद तापमान में आएगी गिरावट
भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर भी सामने आई है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 मई से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो सकती है।
- उत्तर-पश्चिम भारत में 28-29 मई के दौरान तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक कमी संभव है।
- मध्य भारत के कई हिस्सों में 29 मई के बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो लोगों को लंबे समय से जारी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा
जहां देश का एक बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी झेल रहा है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम का बिल्कुल उल्टा रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
इसके अलावा असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी यूपी में धूलभरी आंधी के आसार
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 28 और 29 मई के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इससे बिजली आपूर्ति, यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
हीटवेव से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ और मौसम विभाग लोगों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दे रहे हैं—
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों को धूप से बचाकर रखें
- लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें
बढ़ती गर्मी बदलते जलवायु संकेतों की ओर इशारा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि लगातार बढ़ते तापमान और लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव घटनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी दर्शाती हैं। भारत में हर साल गर्मी का स्वरूप अधिक तीव्र होता दिखाई दे रहा है, जो आने वाले वर्षों में बड़ी चुनौती बन सकता है।
देशभर में जारी India Heatwave 2026 सिर्फ एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि बदलते मौसमीय पैटर्न और बढ़ते पर्यावरणीय दबाव का संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव राहत दे सकता है, लेकिन सतर्कता और बचाव अभी भी सबसे जरूरी है।

