देहरादून

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस गंभीर मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक कर होमस्टे, होटल, वेडिंग प्वाइंट्स और अन्य आवासीय एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के व्यापक सत्यापन अभियान के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।


सत्यापन अभियान के लिए टीम गठित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिए हैं कि एक विशेष टीम गठित कर देहरादून जनपद में संचालित सभी होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए। इस अभियान के तहत न केवल पंजीकरण और लाइसेंस की जांच होगी, बल्कि वहां संचालित गतिविधियों की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, विशेषकर मादक पदार्थों के सेवन या तस्करी से जुड़े मामलों को जड़ से समाप्त किया जा सके।


1057 होमस्टे रजिस्टर, 350 शहरी क्षेत्रों में केंद्रित

जिला प्रशासन देहरादून के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 1057 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 350 नगरीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। प्रशासन ने इन शहरी होमस्टे को प्राथमिकता के आधार पर जांच के दायरे में लाने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन के बढ़ते दबाव के चलते होमस्टे की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन कई स्थानों पर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।


अवैध गतिविधियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

डीएम सविन बंसल ने दो टूक कहा कि यदि किसी भी होमस्टे, होटल या वेडिंग प्वाइंट में अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालक, लीजधारक या किरायेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में सीधे जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


गाइडलाइन आधारित चेकलिस्ट से होगी निगरानी

राज्य सरकार द्वारा जारी होमस्टे गाइडलाइन के अनुरूप एक विस्तृत चेकलिस्ट तैयार कर सभी इकाइयों का निरीक्षण किया जाएगा। इसमें सुरक्षा मानकों, पंजीकरण, अतिथि रिकॉर्ड, सीसीटीवी व्यवस्था, फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक प्रावधानों की जांच शामिल होगी।

डीएम देहरादून ने निर्देश दिए कि सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।


ओकेजनल बार लाइसेंस पर भी सख्ती

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स में ओकेजनल बार लाइसेंस जारी करने से पहले सभी मानकों की सख्ती से जांच की जाए।

यदि बिना लाइसेंस या निर्धारित समय के बाद मदिरा परोसने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।


विभागों के बीच समन्वय से होगी निगरानी

जिलाधिकारी देहरादून ने सभी संबंधित विभागों—पर्यटन, आबकारी, राजस्व और पुलिस—को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


जनता से भी सहयोग की अपील

जिला प्रशासन देहरादून ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध गतिविधि, बिना लाइसेंस मदिरा परोसने या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।

प्रशासन का मानना है कि जनता के सहयोग से ही इस तरह के अभियानों को प्रभावी बनाया जा सकता है और जिले में सुरक्षित एवं कानून-व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित किया जा सकता है।


देहरादून होमस्टे सत्यापन अभियान के जरिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यटन नगरी की छवि को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

By Bhaskar

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