Almora News Hindi: अल्मोड़ा जनपद में गुमशुदा हुई एक नाबालिग किशोरी को पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के गुड़गांव से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। यह कार्रवाई अल्मोड़ा पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और अंतरराज्यीय समन्वय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
27 जनवरी को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की तहरीर
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 जनवरी 2026 को राजस्व क्षेत्र अंतर्गत एक ग्रामीण ने अपनी नाबालिग पुत्री के अचानक लापता हो जाने की तहरीर संबंधित राजस्व पुलिस चौकी में दी थी। परिजनों के अनुसार किशोरी बिना किसी सूचना के घर से चली गई थी, जिसके बाद लगातार खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता के नाबालिग होने को देखते हुए प्रारंभिक स्तर पर ही इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में लिया गया।
29 जनवरी को नियमित पुलिस को सौंपी गई विवेचना
दो दिन की प्रारंभिक जांच के बाद 29 जनवरी 2026 को मामले की विवेचना कोतवाली द्वाराहाट को स्थानांतरित कर दी गई। इसके तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुमशुदा किशोरी की शीघ्र बरामदगी और संभावित आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए।
चार विशेष पुलिस टीमें गठित
एसएसपी के निर्देश पर चार अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं।
अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह एवं क्षेत्राधिकारी रानीखेत विमल प्रसाद के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वाराहाट विनोद जोशी और एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील धानिक के नेतृत्व में संयुक्त टीमें बनाई गईं।
इन टीमों को अलग-अलग संभावित लोकेशन पर रवाना किया गया, ताकि समय रहते किशोरी का पता लगाया जा सके।
CCTV और सर्विलांस से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। इसके साथ ही सर्विलांस टीम की मदद से मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को यह संकेत मिले कि किशोरी को राज्य से बाहर ले जाया गया है। इसके बाद पुलिस टीमें दिल्ली, गुड़गांव और बिहार के माधोपुर क्षेत्र में सक्रिय की गईं।
31 जनवरी को मिली बड़ी सफलता
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को 31 जनवरी 2026 को बड़ी सफलता मिली। पुलिस टीम ने हरियाणा के गुड़गांव से गुमशुदा नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से खुशदिल (20 वर्ष), पुत्र मोहम्मद मुस्ताक, निवासी माधोपुर, थाना छातापुर, जिला सुपौल (बिहार) को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
परिजनों को सौंपा गया बच्ची को सुरक्षित
बरामदगी के बाद किशोरी का आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया तथा काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
POCSO एक्ट समेत गंभीर धाराएं जोड़ी गईं
पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोग में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिग से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे अभियान में प्रभारी निरीक्षक विनोद जोशी, महिला उपनिरीक्षक मीना आर्या, उपनिरीक्षक बृजमोहन भट्ट, उपनिरीक्षक धरम सिंह, हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार, कांस्टेबल गणेश पाण्डे, इरशाद उल्ला, अजय कुमार और संगीता गोस्वामी सहित एसओजी और कोतवाली की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गहन विवेचना जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना गहनता से की जा रही है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क तो शामिल नहीं है। तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला (Almora News Hindi) एक बार फिर साबित करता है कि अल्मोड़ा पुलिस नाबालिगों से जुड़े अपराधों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और सतर्क है। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते एक नाबालिग की जान सुरक्षित हो सकी, जो समाज और कानून व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संदेश है।

