नई दिल्ली: अप्रैल का आधा महीना बीतते-बीतते अब गर्मी ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया है। Weather Today IMD Update के मुताबिक देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। खासतौर पर उत्तर भारत के राज्यों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब—में इस सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही भीषण गर्मी और लू को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि कई शहरों में कूलर और एसी अब जरूरी हो गए हैं।
दिल्ली में तेज होगी गर्मी की मार
राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 17 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
आज आसमान साफ रहेगा और 15-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, लेकिन इससे राहत की उम्मीद कम है। दिन में धूप चुभने लगेगी और तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 23 से 25 डिग्री के बीच बना रहेगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।
यूपी और राजस्थान में भीषण गर्मी का असर
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी मौसम अब कड़ा इम्तेहान लेने वाला है। उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है। पिछले तीन दिनों में ही तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं राजस्थान के जयपुर, बाड़मेर और कोटा जैसे शहरों में तापमान पहले ही 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। अगले 4-5 दिनों में इसमें 3 से 5 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लू की स्थिति बन सकती है।
इन राज्यों में लू का अलर्ट
IMD के अनुसार देश के कई हिस्सों में लू चलने की प्रबल संभावना है:
- सौराष्ट्र और कच्छ: 12-13 अप्रैल
- ओडिशा: 14-16 अप्रैल
- मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़: 16-18 अप्रैल
- मराठवाड़ा: 16 अप्रैल
इन क्षेत्रों में लोगों को दिन के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
उमस भरे मौसम से भी बढ़ेगी परेशानी
कुछ राज्यों में गर्मी के साथ उमस भी लोगों को परेशान करेगी।
- गुजरात, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में अगले 7 दिन
- पश्चिम बंगाल (गंगा क्षेत्र): 14-18 अप्रैल
- तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के तटीय इलाके: 12-14 अप्रैल
यहां तापमान के साथ नमी अधिक रहने से ‘रियल फील’ तापमान और ज्यादा महसूस होगा।
पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना रहेगा।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिलहाल कोई बड़ा अलर्ट नहीं है और मौसम सामान्य रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर
जहां एक ओर उत्तर भारत गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश राहत लेकर आएगी।
- अरुणाचल प्रदेश: 14, 15 और 18 अप्रैल
- असम और मेघालय: 17 और 18 अप्रैल
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: 12-16 अप्रैल
इन क्षेत्रों में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम करवट ले रहा है।
आंतरिक कर्नाटक में 15-16 अप्रैल को गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। केरल और माहे में भी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
क्या कहता है IMD: सावधानी जरूरी
IMD ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में तापमान लगातार बढ़ेगा और कई हिस्सों में लू की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है—
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी
कुल मिलाकर, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में ही देश के कई हिस्सों में जून जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। Weather Today IMD Update यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
जहां उत्तर और पश्चिम भारत में गर्मी और लू का प्रकोप रहेगा, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण के कुछ हिस्सों में बारिश राहत देने वाली साबित हो सकती है।
ऐसे में मौसम के बदलते मिजाज के बीच सतर्क रहना और जरूरी एहतियात बरतना ही सबसे बेहतर उपाय है।
