देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए उत्तराखंड SIR अभियान चलाया जा रहा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 8 जून से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 7 जुलाई को समाप्त होगा। इसके बाद राज्यभर से प्राप्त आंकड़ों का अंतिम सत्यापन किया जाएगा और मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथ) के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी करते हुए 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 79,60,762 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग सभी मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि 70,83,915 गणना फॉर्म का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण भी किया जा चुका है। यह कुल फॉर्म का लगभग 88.99 प्रतिशत है, जिसे निर्वाचन विभाग अभियान की बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
ASD श्रेणी सबसे बड़ी चुनौती, 8.32 लाख मतदाताओं का होगा दोबारा सत्यापन
उत्तराखंड SIR अभियान के दौरान निर्वाचन अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ASD (Absent, Shifted, Death) श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की पहचान और सत्यापन बनी हुई है। इस श्रेणी में ऐसे मतदाता शामिल किए जाते हैं जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं, किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं अथवा जिनका निधन हो चुका है।
राज्यभर में फिलहाल 8,32,834 मतदाता ASD श्रेणी में दर्ज हैं। निर्वाचन विभाग नहीं चाहता कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से हट जाए। इसी कारण बूथ लेवल अधिकारियों (BLO), बूथ लेवल एजेंट (BLA), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और रोल ऑब्जर्वर्स को दोबारा भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
यदि सत्यापन के दौरान कोई पात्र मतदाता छूट गया है और वह निर्धारित समय के भीतर अपना गणना फॉर्म जमा कर देता है, तो उसका फॉर्म भी डिजिटलीकरण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
चार पर्वतीय जिलों में अभियान लगभग पूरा, अब बूथ पुनर्गठन पर फोकस
निर्वाचन विभाग के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में SIR अभियान लगभग पूरा हो चुका है। अब इन जिलों में मतदाताओं की संख्या के आधार पर मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
दरअसल, मतदाता संख्या में बदलाव होने पर कई स्थानों पर नए मतदान केंद्र बनाए जाते हैं, जबकि कुछ बूथों का पुनर्गठन भी किया जाता है ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित बन सके।
देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार पर विशेष निगरानी
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार वे जिले हैं जहां ASD श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। यही कारण है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इन तीनों जिलों पर विशेष फोकस किया है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन मतदान केंद्रों पर अन-कलेक्टेबल (Uncollectable) श्रेणी के मतदाता अधिक हैं, वहां स्वयं फील्ड विजिट कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। मंडलायुक्तों को भी ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची से गलत नाम हटेंगे, पात्र मतदाता सुरक्षित रहेंगे
निर्वाचन विभाग का स्पष्ट उद्देश्य केवल नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। इसलिए BLO को निर्देश दिए गए हैं कि वे ASD सूची में शामिल प्रत्येक मतदाता के गणना फॉर्म पर आवश्यक टिप्पणियां दर्ज करें, ताकि किसी पात्र नागरिक का नाम गलती से सूची से न हटे।
इसके साथ ही डुप्लीकेट प्रविष्टियों, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नाम समय रहते हटाकर मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
14 जुलाई से शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया
7 जुलाई को SIR अभियान पूरा होने के बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम, पता अथवा अन्य विवरण में सुधार कराने का अवसर मिलेगा।
निर्वाचन विभाग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त तक का समय निर्धारित किया है। वहीं नोटिस जारी करने और सभी दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 11 सितंबर 2026 तक चलेगी।
इसके बाद 15 सितंबर 2026 को उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर तक लगाए जाएंगे विशेष शिविर
दावा और आपत्ति प्रक्रिया को आम नागरिकों के लिए आसान बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 800 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) की तैनाती की गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए न्याय पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जबकि मैदानी जिलों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर कैंप आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों को अनावश्यक दौड़भाग न करनी पड़े।
जिलेवार ASD मतदाताओं की स्थिति
उत्तराखंड SIR अभियान में निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार ऊधमसिंह नगर (1,86,666), देहरादून (1,86,192) और हरिद्वार (1,21,284) में ASD श्रेणी के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा नैनीताल (72,245), अल्मोड़ा (56,145), पौड़ी गढ़वाल (54,195), टिहरी गढ़वाल (44,254), पिथौरागढ़ (27,764), चमोली (23,616), उत्तरकाशी (18,386), चंपावत (17,936), बागेश्वर (13,186) और रुद्रप्रयाग (10,695) में भी बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता दर्ज किए गए हैं।
स्वच्छ और विश्वसनीय मतदाता सूची की दिशा में बड़ा कदम
उत्तराखंड SIR अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि सभी पात्र मतदाता सूची में बने रहते हैं और अपात्र अथवा डुप्लीकेट नाम समय पर हट जाते हैं, तो आगामी चुनावों में मतदान प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। अब सभी की नजर 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची और उसके बाद शुरू होने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया पर टिकी है।

