ऋषिकेश: उत्तराखंड में जनसेवा को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की दिशा में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम ऋषिकेश शनिवार को जनभागीदारी, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 3,500 से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का मौके पर ही लाभ उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी प्रशासन और आमजन तक सेवाओं की सीधी पहुंच को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर अतिथियों का स्वागत किया तथा मुख्यमंत्री को उनके सफल पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

एक मंच पर जुटे कई विभाग, लोगों को मिली एक ही स्थान पर सरकारी सेवाएं
सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम ऋषिकेश की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि विभिन्न सरकारी विभागों ने समन्वित रूप से एक ही परिसर में अपनी सेवाएं उपलब्ध कराईं। देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जनपद के विभागों ने ‘इंटीग्रेटेड एफर्ट’ यानी एकीकृत प्रयास के तहत नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना था। कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर आवेदन किए, योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ भी दिया गया। इससे शासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास दोनों मजबूत होते नजर आए।

स्वास्थ्य शिविर बना सबसे बड़ा आकर्षण, हजारों लोगों को मिला उपचार
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशाल स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए सबसे उपयोगी पहल साबित हुआ। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 1009 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार उपलब्ध कराया।
स्वास्थ्य शिविर में—
- 212 हड्डी रोगियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया।
- 70 महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी चिकित्सा सेवाएं मिलीं।
- 81 मरीजों की आंख, नाक और कान संबंधी जांच की गई।
- 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया।
- 15 आयुष्मान कार्ड और 20 आभा कार्ड बनाए गए।
- 95 एक्स-रे तथा 70 रक्त जांचें की गईं।
- आयुष विभाग ने 310 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क औषधियां वितरित कीं।
- 23 दिव्यांगजनों के विकलांग प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समाज कल्याण और दिव्यांगजन हित में बड़ा कदम
कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 75 पात्र लाभार्थियों की विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन को मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की।
इसके साथ ही 10 यूडीआईडी कार्ड जारी किए गए तथा 280 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इससे अनेक परिवारों को तत्काल राहत मिली और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में नई सहायता प्राप्त हुई।

किसानों, उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को मिला सीधा लाभ
सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम ऋषिकेश केवल स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा। कृषि, उद्यान, डेयरी, मत्स्य, पशुपालन, उद्योग, रेशम तथा लीड बैंक सहित कई विभागों ने संयुक्त रूप से लगभग 1200 से अधिक लाभार्थियों को अपनी योजनाओं का लाभ प्रदान किया।
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई, उद्यमियों को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा गया तथा डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को सरकारी सहायता एवं प्रशिक्षण की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं का सम्मान भी रहा।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने लघु उद्योगों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों की योजनाओं के सफल लाभार्थियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत पंजीकृत पांच स्वयं सहायता समूहों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रत्येक समूह को ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। यह सम्मान ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा को नई ऊर्जा देने वाला कदम माना जा रहा है।

जापान में रोजगार पाने वाले युवाओं ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अल्मोड़ा, देहरादून और टिहरी के तीन युवाओं को भी सम्मानित किया गया।
इन युवाओं का चयन जापान में रोजगार के लिए हुआ है, जहां उन्हें लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह का वेतन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के युवाओं की प्रतिभा और कौशल का प्रमाण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां राज्य के अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की ओर प्रेरित करेंगी।
कई क्षेत्रों के उत्कृष्ट लाभार्थियों को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग, उद्यान विभाग, उद्योग विभाग तथा डेयरी विभाग से जुड़े सफल लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर यह साबित किया कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
सम्मान समारोह ने यह संदेश भी दिया कि सरकार केवल योजनाएं संचालित नहीं कर रही, बल्कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान और प्रोत्साहन भी दे रही है।
जनसेवा को नई दिशा देने वाला आयोजन
विशेषज्ञों का मानना है कि सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम ऋषिकेश केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रयास है। जब स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, कृषि, उद्योग, बैंकिंग और कौशल विकास जैसी अनेक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होती हैं तो आम नागरिकों को समय, धन और संसाधनों की बचत होती है।
बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता इस बात का संकेत है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
जनभागीदारी से मजबूत होता है सुशासन
आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित यह विशाल आयोजन उत्तराखंड में सेवा, सुशासन और समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बना। सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम ऋषिकेश ने यह संदेश दिया कि जब शासन, प्रशासन और समाज एक साथ मिलकर काम करते हैं तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संभव हो जाता है।
20 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी, हजारों लाभार्थियों को मिली प्रत्यक्ष सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक लाभ, स्वरोजगार को प्रोत्साहन और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान—इन सभी पहलुओं ने इस आयोजन को केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनविश्वास और जनसेवा का उत्सव बना दिया। आने वाले समय में ऐसे प्रयास उत्तराखंड में सुशासन की संस्कृति को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
