उत्तराखंड उच्च न्यायालयFile Photo: PTI

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अमेरिका में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस मामले में आरोपी की ओर से दायर अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की एकलपीठ ने आरोपी को फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह इस मामले में अपनी आपत्ति दाखिल करे। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।

यह मामला हल्द्वानी निवासी पूरन चंद्र पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उधम सिंह नगर जिले के जसपुर निवासी सुधीर कुमार ने अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे कुल 11.50 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2020 के कोरोना काल के दौरान शुरू हुआ, जब आरोपी ने विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूल ली।

कोरोना काल में शुरू हुई ठगी की कहानी

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2020 में आरोपी सुधीर कुमार ने खुद को अमेरिका में नौकरी दिलाने में सक्षम बताते हुए पूरन चंद्र पांडेय से संपर्क किया। आरोपी ने दावा किया कि उसके पास अमेरिका में नौकरी दिलाने के पुख्ता संपर्क हैं और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रकम की जरूरत है। इस भरोसे पर शिकायतकर्ता ने किस्तों में कुल 11 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए।

लंबा समय बीतने के बावजूद जब अमेरिका का वीजा नहीं मिला तो शिकायतकर्ता ने आरोपी पर पैसे लौटाने का दबाव बनाना शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2022 में आरोपी ने नया दावा करते हुए कहा कि वीजा तैयार हो चुका है और केवल 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इस भरोसे पर शिकायतकर्ता ने और राशि दे दी, लेकिन इसके बावजूद वीजा नहीं मिला।

फर्जी वीजा का आरोप

मामले ने तब और गंभीर मोड़ लिया जब शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में आरोपी ने उन्हें एक फर्जी अमेरिकी वीजा थमा दिया। इस वीजा पर जारी होने की तिथि 23 अगस्त 2025 अंकित थी। जब इसकी सत्यता की जांच कराई गई तो यह स्पष्ट हुआ कि इस तिथि का कोई वीजा अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी ही नहीं हुआ था। इसके बाद शिकायतकर्ता को ठगी का पूरा अहसास हुआ।

पीड़ित ने इस संबंध में पहले जसपुर थाना प्रभारी से शिकायत की, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उच्च पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद अंततः आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय का रुख सख्त

अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का प्रतीत होता है और इसमें विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। राज्य सरकार से आपत्ति मांगे जाने के बाद ही अगली सुनवाई में कोई निर्णय लिया जाएगा।

काशीपुर मामले में समझौते से राहत

इसी दौरान उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर की निचली अदालत में लंबित एक आपराधिक मामले में बड़ा फैसला सुनाया। दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे आपराधिक वाद में आपसी समझौता हो जाने के बाद उच्च न्यायालय ने पूरे मामले की कार्यवाही को निरस्त कर दिया। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने यह माना कि समझौते के बाद मुकदमे को आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। इस फैसले से वर्षों से चले आ रहे कानूनी विवाद का अंत हो गया और दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली।

दहेज उत्पीड़न मामले में अंतरिम रोक

वहीं, दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक अन्य मामले में भी हाईकोर्ट ने अहम हस्तक्षेप किया है। हल्द्वानी की निचली अदालत में विचाराधीन एक आपराधिक मामले की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी गई है। यह आदेश पंकज पपने एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि यह मामला मूल रूप से वैवाहिक कलह से जुड़ा है, लेकिन इसे अनावश्यक रूप से आपराधिक रंग दे दिया गया है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को देखते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय के ताजा फैसले यह संकेत देते हैं कि अदालत ठगी जैसे गंभीर आर्थिक अपराधों में सख्त रुख अपनाने के साथ-साथ आपसी समझौते और वैवाहिक विवादों में संतुलित दृष्टिकोण भी अपना रही है। अमेरिका में नौकरी दिलाने के नाम पर हुई कथित ठगी के मामले में जहां आरोपी को राहत नहीं मिली है, वहीं अन्य मामलों में न्यायालय ने परिस्थितियों के अनुरूप हस्तक्षेप करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को दिशा दी है।

आने वाली सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार की आपत्ति के बाद ठगी मामले में कोर्ट क्या रुख अपनाता है।

By Bhaskar

Bhaskaranand Founder, Editor & Content Strategist | Bugyal News भास्करानन्द एक पत्रकार, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार, जनसरोकार, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भास्करानन्द ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे बच्चों और युवाओं के लिए दो दर्जन से अधिक थिएटर कार्यशालाओं में थिएटर मेंटर के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रचनात्मक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े रहे हैं। Bugyal News के संस्थापक एवं संपादक के रूप में उनका उद्देश्य उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को तेज़, सटीक और जनहितकारी रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। उनकी लेखनी में जमीनी मुद्दों, विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े विषयों को विशेष स्थान मिलता है। Contact 📧 Email: anandbhaskar462@gmail.com 🌐 Website: bugyalnews.com

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