लखनऊ: त्रिस्तरीय UP Panchayat Chunav Date को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां एक ओर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से अब चुनाव को लेकर बड़ा संकेत दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव हर हाल में जुलाई 2026 तक संपन्न करा लिए जाएंगे। उनके इस बयान के बाद चुनावी तैयारियों को लेकर नई दिशा मिलती नजर आ रही है।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई हलचल
UP Panchayat Chunav Date को लेकर मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अदालत ने हाल ही में सुनवाई के दौरान चुनाव में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की थी।
हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से सीधा सवाल किया कि क्या वह 26 मई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर सकता है या नहीं। कोर्ट ने इस संबंध में आयोग से हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और राज्य सरकार से भी जवाब मांगा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को तय की गई है।
ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान
हाईकोर्ट की सख्ती के बीच पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी।
राजभर ने भरोसा दिलाया कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई तक हर हाल में करा लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निर्वाचित निकाय का कार्यकाल जुलाई से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
उनके अनुसार, चुनावी शेड्यूल (UP Panchayat Chunav Date) इसी समयसीमा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, ताकि संवैधानिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
OBC आरक्षण को लेकर स्पष्ट रुख
पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इस बार आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर तय किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नई प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता नहीं है और पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिलते ही आरक्षण को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
राजभर ने यह भी कहा कि राज्य कैबिनेट जल्द ही पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी देगी। इसके बाद चक्रानुक्रम (रोटेशन) के आधार पर आरक्षण लागू किया जाएगा।
चुनावी तैयारियां तेज, बैलेट पेपर तैयार
UP Panchayat Chunav की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मंत्री के अनुसार, विभिन्न जिलों के लिए बैलेट पेपर छापे जा चुके हैं।
इसके अलावा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया भी जारी है, जिसे 15 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया में ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, बीडीसी (ब्लॉक विकास समिति), जिला पंचायत सदस्य सहित विभिन्न पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
🧾 मतदाता सूची और आयोग की भूमिका अहम
UP Panchayat Chunav की प्रक्रिया में मतदाता सूची का प्रकाशन और OBC आरक्षण निर्धारण अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार की योजना है कि 15 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाए। इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के बाद आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होगी।
इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
मई-जून में चुनाव संभव या नहीं?
मई-जून में चुनाव कराए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विभिन्न पंचायत पदों का कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पदों का कार्यकाल जुलाई तक समाप्त हो जाएगा, इसलिए चुनाव की समयसीमा उसी के अनुरूप तय की जा रही है।
इससे यह संकेत मिलता है कि यदि मई-जून में चुनाव संभव नहीं हो पाते हैं, तो भी जुलाई तक पूरी प्रक्रिया को हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें टिकीं
पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में बेहद अहम माने जाते हैं, क्योंकि यह चुनाव जमीनी स्तर पर राजनीतिक समीकरण तय करते हैं।
इस बार चुनाव में देरी और आरक्षण के मुद्दे ने इसे और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। सरकार, चुनाव आयोग और न्यायपालिका—तीनों की भूमिका इस प्रक्रिया में निर्णायक बनी हुई है।
UP Panchayat Chunav Date को लेकर जारी असमंजस के बीच अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती नजर आ रही है। हाईकोर्ट की सख्ती और सरकार की सक्रियता के चलते चुनावी प्रक्रिया में तेजी आई है।
ओमप्रकाश राजभर के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार जुलाई 2026 तक पंचायत चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अब सभी की नजरें पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट और चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

