रुड़की में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तारफोटो: उत्तराखंड पुलिस X

रुड़की फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक बेहद शर्मनाक और समाज को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने चिकित्सा पेशे की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रुड़की के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लंढोरा कस्बे में स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।

आरोपी डॉक्टर की पहचान रिजवान के रूप में हुई है, जिस पर आरोप है कि उसने अस्पताल में भर्ती एक किशोरी के साथ मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए अश्लील हरकत की। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


इलाज के नाम पर विश्वासघात, अस्पताल बना डर का ठिकाना

जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज मामला हरिद्वार जिले की मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लंढोरा इलाके का है। यहां एक निजी अस्पताल में एक नाबालिग छात्रा को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों को क्या पता था कि जिस डॉक्टर पर वे अपनी बेटी की सेहत की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं, वही उनके विश्वास को इस कदर कुचल देगा।

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर रिजवान ने इलाज के दौरान बेहोशी का इंजेक्शन देकर किशोरी के साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ करने की कोशिश की।


बेहोशी का इंजेक्शन देकर की गई कथित अश्लील हरकत

परिजनों के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर ने बच्ची को बेहोशी का इंजेक्शन दिया और उसके बाद कथित रूप से उसके कपड़े ऊपर उठाकर उसके निजी अंगों को छूने का प्रयास किया। यह कृत्य न केवल आपराधिक है, बल्कि मानवता और चिकित्सा नैतिकता दोनों के खिलाफ है।

घटना के समय पीड़िता के परिजन अस्पताल के बाहर मौजूद थे। आरोप है कि डॉक्टर ने जानबूझकर बच्ची को अकेला पाकर इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने की कोशिश की।


होश में आते ही बच्ची ने मचाया शोर

बताया जा रहा है कि जब बेहोशी का असर कम हुआ और बच्ची को होश आया, तो उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर परिजन घबराकर अस्पताल के अंदर पहुंचे। अंदर का मंजर देखकर वे स्तब्ध रह गए।

बच्ची ने रोते-बिलखते हुए परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई और बताया कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।


पिता की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मंगलौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता व परिजनों से पूछताछ की।

इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर अस्पताल के डॉक्टर रिजवान पर गंभीर आरोप लगाए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।


फर्जी डॉक्टर निकला आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी डॉक्टर रिजवान पुत्र जबिर, निवासी मुख्याली खुर्द, थाना लक्सर, की गतिविधियां संदिग्ध थीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के डॉक्टर होने को लेकर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। संदेह जताया जा रहा है कि आरोपी फर्जी तरीके से डॉक्टर बनकर अस्पताल में काम कर रहा था।


कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी जेल भेजा गया

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को संबंधित न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि आरोपी के खिलाफ और भी तथ्य या सबूत सामने आते हैं, तो धाराओं में बढ़ोतरी की जा सकती है।


चिकित्सा पेशे पर लगा दाग, समाज में आक्रोश

यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि चिकित्सा पेशे की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात है। जिस पेशे को सेवा और संवेदना का प्रतीक माना जाता है, वहां इस तरह की घटनाएं समाज में भय और अविश्वास पैदा करती हैं।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी डॉक्टर या अस्पताल मरीजों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।


पुलिस का बयान: दोषी को नहीं मिलेगी कोई रियायत

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी। दोषी चाहे किसी भी पेशे से जुड़ा हो, कानून अपना काम करेगा।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी अस्पताल या डॉक्टर को लेकर कोई संदेह हो, तो तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें।


रुड़की के मंगलौर क्षेत्र में सामने आया यह मामला (रुड़की फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार) एक गंभीर चेतावनी है कि समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है। इलाज के नाम पर नाबालिग से छेड़छाड़ जैसे जघन्य अपराध न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि सामाजिक मूल्यों के लिए भी चुनौती हैं।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में और क्या खुलासे होते हैं और आरोपी को अदालत से कितनी सख्त सजा मिलती है। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि भरोसे के पेशों में बैठे लोगों की निगरानी और सत्यापन कितना जरूरी है।

By Bhaskar

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