New Delhi/ Raghu Rai Photographer: भारतीय फोटोग्राफी जगत के लिए रविवार का दिन एक गहरी क्षति लेकर आया। देश के प्रख्यात छायाकार रघु राय का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रविवार तड़के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
उनके बेटे और स्वयं छायाकार नितिन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि रघु राय पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। दो साल पहले उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था, जिससे वे उबर भी गए थे, लेकिन बाद में कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल गया। हाल के दिनों में यह बीमारी मस्तिष्क तक पहुंच गई थी, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
परिवार और अंतिम संस्कार
रघु राय अपने पीछे एक समृद्ध परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटे नितिन और तीन बेटियां—लगन, अवनि और पूर्वाई शामिल हैं।
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार रविवार शाम 4 बजे लोधी श्मशान में किया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
पांच दशक से ज्यादा का शानदार करियर
रघु राय का करियर भारतीय फोटो पत्रकारिता में एक मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने 50 से अधिक वर्षों तक कैमरे के जरिए देश और दुनिया की अनगिनत कहानियां दुनिया के सामने रखीं।
उनकी फोटोग्राफी केवल तस्वीरें नहीं थीं, बल्कि वे समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज बन गईं। उन्होंने भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों को बेहद करीब से कैद किया।
इतिहास को कैमरे में उतारने वाले कलाकार
रघु राय उन चुनिंदा फोटोग्राफरों में थे, जिन्होंने भारत के कई ऐतिहासिक और संवेदनशील पलों को अपनी नजर से दुनिया के सामने रखा।
उनकी कैमरे की नजर ने:
- आपातकाल (Emergency)
- राजनीतिक उथल-पुथल
- आम जनजीवन के संघर्ष
- सांस्कृतिक विविधता
जैसे विषयों को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया।
भोपाल गैस त्रासदी की तस्वीर बनी पहचान
रघु राय की सबसे चर्चित और मार्मिक तस्वीरों में से एक भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी है।
4 दिसंबर 1984 को ली गई उनकी एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर आज भी दुनिया की सबसे दर्दनाक और प्रभावशाली तस्वीरों में गिनी जाती है।

यह तस्वीर केवल एक फोटो नहीं थी, बल्कि:
- उस भयावह त्रासदी का सजीव प्रमाण
- हजारों लोगों के दर्द और त्रासदी का प्रतीक
- दुनिया को झकझोर देने वाला दृश्य
आज भी जब यह तस्वीर देखी जाती है, तो वह उस दौर के दर्द को फिर से जीवित कर देती है।
लेखन और योगदान
फोटोग्राफी के साथ-साथ रघु राय ने कई किताबें भी लिखीं, जिनमें भारत की संस्कृति, समाज और जीवन की झलक मिलती है।
उनकी रचनाएं और तस्वीरें न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराही गईं। उन्होंने भारतीय फोटोग्राफी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और सम्मान
रघु राय को दुनिया भर में एक मास्टर फोटो जर्नलिस्ट के रूप में जाना जाता था। उनकी तस्वीरें कई अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं और प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हुईं।
उनकी कला की खासियत थी:
- सादगी में गहराई
- भावनाओं की सटीक अभिव्यक्ति
- सामाजिक यथार्थ का स्पष्ट चित्रण
एक युग का अंत
रघु राय का निधन भारतीय मीडिया और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने न केवल तस्वीरें खींचीं, बल्कि एक पूरे दौर को दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया।
उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
Raghu Rai Photographer निधन केवल एक व्यक्ति के जाने की खबर नहीं है, बल्कि यह भारतीय फोटो पत्रकारिता के एक स्वर्णिम युग के अंत का संकेत है।
उनकी तस्वीरें, उनके द्वारा कैद किए गए पल और उनकी दृष्टि हमेशा जीवित रहेंगे। भारत की आत्मा को कैमरे में उतारने वाले इस महान कलाकार को देश हमेशा याद रखेगा।

