नोएडा में ATS की बड़ी कार्रवाई

नोएडा/लखनऊ: नोएडा में ATS की बड़ी कार्रवाई में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एटीएस ने नोएडा से दो ऐसे संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान के गैंगस्टर्स और खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) के लिए काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये आरोपी भारत की सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।


हथियार और डिजिटल सबूत बरामद

एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल फोन में कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है, जिनके जरिए आतंकी नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन का खुलासा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, इन डिजिटल डिवाइसेज में चैट, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क के प्रमाण मिले हैं।


सोशल मीडिया के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश

नोएडा में ATS की बड़ी कार्रवाई जांच में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान के कुछ गैंगस्टर्स और यूट्यूबर्स, ISI के निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—खासकर इंस्टाग्राम—के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे।

इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से युवाओं को धार्मिक कट्टरता और आर्थिक प्रलोभन देकर रेडिकलाइज किया जा रहा था। उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार करने, संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और टारगेटेड हमलों को अंजाम देने के लिए उकसाया जा रहा था।


गैंगस्टर्स और ISI का नेटवर्क: जांच में बड़ा खुलासा

एटीएस की जांच में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट का नाम सामने आया है, जो कथित तौर पर ISI के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे थे।

इन लोगों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को जोड़कर एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा था, जिसमें उन्हें हथियार उपलब्ध कराने से लेकर आर्थिक मदद तक का लालच दिया जा रहा था।


आरोपियों की पहचान और भूमिका

नोएडा में ATS की बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान (20 वर्ष) — निवासी बागपत (वर्तमान में मेरठ)
  • समीर खान (20 वर्ष) — निवासी दिल्ली

पूछताछ में सामने आया कि तुषार सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था और उसके लिए कई फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाए थे। बाद में यह संपर्क व्हाट्सऐप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए और गहरा होता गया।


ग्रेनेड हमला और टारगेटेड किलिंग की साजिश

नोएडा में ATS की बड़ी कार्रवाई में पूछताछ के दौरान तुषार ने कबूल किया कि उसे कुछ विशेष व्यक्तियों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और टारगेटेड हत्याएं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उसे पहले 50 हजार रुपये नकद और काम पूरा होने पर 2.5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था।

साथ ही आरोपियों को पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने की योजना भी बनाई गई थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन गतिविधियों के लिए जरूरी फंडिंग और हथियार ISI नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराए जा रहे थे।


TTH के नाम पर फैलाया जा रहा था डर

पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। समीर खान को दीवारों पर TTH (Tehrik-e-Taliban Hindustan) लिखने और नए युवाओं को इस नेटवर्क से जोड़ने का काम सौंपा गया था।

दोनों आरोपी मिलकर संभावित टारगेट की रेकी कर रहे थे और कुछ लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दे चुके थे। इन धमकियों के दौरान पाकिस्तानी हैंडलर्स कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए सीधे जुड़े रहते थे।


23 अप्रैल को हुई गिरफ्तारी, केस दर्ज

एटीएस ने पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर 23 अप्रैल 2026 को नोएडा से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद थाना एटीएस, लखनऊ में मुकदमा संख्या 03/2026 दर्ज किया गया है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।


रिमांड की तैयारी, नेटवर्क खंगालने में जुटी एजेंसियां

एटीएस अब आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर उनसे जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की तैयारी में है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी व्यापक हो सकता है और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हो सकता है।


एटीएस का बयान: बड़ी साजिश नाकाम

एटीएस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


नोएडा में ATS की बड़ी कार्रवाई में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात की पुष्टि करती है कि आतंकवादी संगठन अब पारंपरिक तरीकों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को सतर्क रहने की जरूरत है।

By Bhaskar

Bhaskaranand Founder, Editor & Content Strategist | Bugyal News भास्करानन्द एक पत्रकार, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार, जनसरोकार, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भास्करानन्द ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे बच्चों और युवाओं के लिए दो दर्जन से अधिक थिएटर कार्यशालाओं में थिएटर मेंटर के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रचनात्मक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े रहे हैं। Bugyal News के संस्थापक एवं संपादक के रूप में उनका उद्देश्य उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को तेज़, सटीक और जनहितकारी रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। उनकी लेखनी में जमीनी मुद्दों, विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े विषयों को विशेष स्थान मिलता है। Contact 📧 Email: anandbhaskar462@gmail.com 🌐 Website: bugyalnews.com

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