देहरादून: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा को रद्द हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य की राजनीति में अब यह सवाल प्रमुख बहस का विषय बन गया है कि आखिर राहुल गांधी उत्तराखंड क्यों नहीं पहुंच पाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ताजा बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है।
राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा विशेष रूप से अल्मोड़ा और पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़ा हुआ था। उस समय कांग्रेस की ओर से खराब मौसम को कार्यक्रम रद्द होने की प्रमुख वजह बताया गया था। हालांकि भाजपा लगातार इस तर्क पर सवाल उठा रही है और पूछ रही है कि यदि अल्मोड़ा में मौसम खराब था तो राहुल गांधी पौड़ी या देहरादून जैसे अन्य स्थानों पर क्यों नहीं पहुंचे।
सीएम धामी ने उठाए सवाल, कहा- कांग्रेस ही दे जवाब
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक बार फिर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेलीकॉप्टर व्यवस्था से लेकर अन्य सभी प्रबंधन कांग्रेस और उसके आयोजकों द्वारा किए गए थे। ऐसे में कार्यक्रम रद्द होने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह से निराधार है।
धामी ने कहा कि यदि अल्मोड़ा में मौसम प्रतिकूल था तो राहुल गांधी पौड़ी जा सकते थे और यदि वहां भी परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं तो देहरादून आने से उन्हें किसने रोका था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिरकार वह उत्तराखंड नहीं आए, इसके पीछे के वास्तविक कारणों का जवाब कांग्रेस नेतृत्व को ही देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए उत्तराखंड केवल चुनावी राजनीति का केंद्र बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य को केवल राजनीतिक अवसरों के समय याद करता है, जबकि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री लगातार उत्तराखंड के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरों का दिया उदाहरण
सीएम धामी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड से जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 25 से अधिक बार उत्तराखंड का दौरा कर चुके हैं। चाहे केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना हो, चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना हो या सीमांत क्षेत्रों के विकास की योजनाएं, प्रधानमंत्री ने हमेशा उत्तराखंड को प्राथमिकता दी है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता लगातार दिखाई देती रही है। इसके विपरीत कांग्रेस नेतृत्व केवल चुनावी समय में राज्य का रुख करता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की जनता अब यह अंतर भली-भांति समझती है कि कौन विकास के एजेंडे पर काम कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक लाभ के लिए उत्तराखंड को याद करता है।
कांग्रेस ने फिर दोहराए साजिश के आरोप
दूसरी ओर कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप भाजपा पर लगा रही है। राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा रद्द होने के बाद से ही कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न किए जाने की आशंका जताई थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी उस समय कार्यक्रम रद्द होने को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि केवल मौसम को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और लोकप्रियता से असहज है। यही कारण है कि उनके कार्यक्रमों को लेकर लगातार विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।
अमरेंद्र बिष्ट का पलटवार, बोले- भाजपा के मन में राहुल गांधी का डर
मुख्यमंत्री धामी के ताजा बयान पर कांग्रेस नेता अमरेंद्र बिष्ट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा को रद्द हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन भाजपा और राज्य सरकार अभी भी उसी मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं। इससे स्पष्ट है कि भाजपा के मन में राहुल गांधी को लेकर राजनीतिक चिंता बनी हुई है।
बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि राहुल गांधी को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उनकी यात्रा और आवाजाही पूरी तरह निर्धारित मानकों और सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के अनुसार होती है। किसी भी परिस्थिति में वह अपने निर्धारित मार्ग या कार्यक्रम से अलग नहीं जा सकते।
उन्होंने कहा कि जिस दिन कार्यक्रम प्रस्तावित था, उस दिन मौसम प्रतिकूल था और हेलीकॉप्टर उड़ान के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं थीं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सलाह और प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य था। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस तर्क को तथ्यहीन बताया कि राहुल गांधी अन्य स्थानों पर जा सकते थे।
आगामी दौरे को लेकर कांग्रेस का दावा
अमरेंद्र बिष्ट ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व निकट भविष्य में फिर से उत्तराखंड का दौरा करेगा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के आगामी कार्यक्रम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ेंगे।
बिष्ट ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के एक रद्द हुए कार्यक्रम को लेकर जितनी चर्चा कर रही है, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां भाजपा के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
उत्तराखंड की राजनीति में नया सियासी मुद्दा
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा मुद्दा अब केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का नया प्रतीक बनता जा रहा है। एक ओर भाजपा इसे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी और नेतृत्व की गंभीरता से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की राजनीतिक बेचैनी और विपक्ष से डर का प्रमाण बता रही है।
आने वाले दिनों में यदि राहुल गांधी का नया उत्तराखंड दौरा तय होता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी बहस किस दिशा में जाती है। फिलहाल इतना तय है कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा राज्य की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और दोनों दल इसे अपने-अपने राजनीतिक नैरेटिव के लिए इस्तेमाल करने में जुटे हैं।

