कैंचीधाम छेड़छाड़ मामलासांकेतिक तस्वीर: AI

नैनीताल/ कैंचीधाम छेड़छाड़ मामला: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र कैंचीधाम में स्थापना दिवस मेले से ठीक पहले एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र का माहौल गर्मा दिया है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन से पहले दो पुलिसकर्मियों पर एक युवती से कथित छेड़छाड़ के आरोप लगने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि आक्रोशित भीड़ ने दोनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद लोगों ने पुलिस चौकी का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कैंचीधाम छेड़छाड़ मामला ने न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थापना दिवस मेले की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

स्थापना दिवस मेले से पहले सामने आया विवाद

कैंचीधाम में हर वर्ष 15 जून को स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष भी प्रशासन और पुलिस विभाग बड़े स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी बीच मंदिर क्षेत्र के पास स्थित एक होमस्टे संचालक की बेटी ने मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया।

बताया जा रहा है कि युवती द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद यह सूचना तेजी से स्थानीय लोगों और व्यापारियों तक पहुंची। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।

स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित लोगों ने दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। बाद में उन्हें पुलिस चौकी तक ले जाया गया, जहां लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जिस विभाग पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, यदि उसी पर ऐसे आरोप लगते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

केवल छेड़छाड़ के आरोप नहीं, व्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी

इस पूरे विवाद के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा केवल कथित छेड़छाड़ की घटना तक सीमित नहीं रहा। व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने मेले की व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन पर सवाल उठाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थापना दिवस से तीन दिन पहले ही कैंचीधाम क्षेत्र और नैनीताल जिले की सीमाओं पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। वाहनों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों का आरोप है कि इस बार पुलिस द्वारा लागू किए गए यातायात प्रतिबंध पहले के वर्षों की तुलना में अधिक सख्त हैं। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है और स्थानीय व्यवसायों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

‘कर्फ्यू जैसे हालात’ का आरोप

प्रदर्शन के दौरान कई स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मेले से पहले ही ऐसा माहौल बना दिया है, मानो क्षेत्र में कर्फ्यू लगा हो। उनका कहना है कि पहले कभी स्थापना दिवस से तीन दिन पहले इस प्रकार व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग और आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई।

लोगों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम लोगों और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। विरोध कर रहे लोगों ने प्रशासन से व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और स्थानीय हितों का भी ध्यान रखने की मांग की।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कैंचीधाम में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और स्थापना दिवस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे समय में पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों ने सुरक्षा प्रबंधन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान तैनात सुरक्षा कर्मियों का आचरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती तो इससे आम जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

कैंचीधाम छेड़छाड़ मामला की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीसी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

मेले से पहले प्रशासन के सामने नई चुनौती

कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले में हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेले से ठीक पहले उत्पन्न हुआ यह विवाद प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है।

एक ओर जहां प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के बढ़ते असंतोष को भी संभालना होगा। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

फिलहाल, कैंचीधाम छेड़छाड़ मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन से पहले सामने आई इस घटना ने पुलिस-जनता संबंधों और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को केंद्र में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस संवेदनशील मामले को किस प्रकार संभालता है।

By Bhaskar

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