मेलबर्न: PM Modi Australia Visit एक बार फिर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक संबंधों की नई तस्वीर पेश करता दिखाई दे रहा है। तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की, बल्कि विपक्ष के नेता एंगस टेलर से भी मुलाकात कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध केवल वर्तमान सरकार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया की राजनीतिक व्यवस्था का व्यापक और द्विदलीय समर्थन प्राप्त है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में बदलते भू-राजनीतिक समीकरण, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा सहयोग, व्यापार और खेल कूटनीति जैसे विषय दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों की रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव भी तैयार कर रहा है।
विपक्ष के नेता एंगस टेलर से मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता एंगस टेलर से मुलाकात कर दोनों देशों के रिश्तों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और मजबूत बनाने तथा रक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग केवल वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का समाधान नहीं है, बल्कि भविष्य की आर्थिक और रणनीतिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में मजबूत द्विदलीय समर्थन
इस मुलाकात की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों पक्षों ने भारत के साथ संबंधों को लेकर ऑस्ट्रेलिया में मौजूद मजबूत द्विदलीय समर्थन (Bipartisan Support) को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी देश के साथ संबंधों को सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों का समर्थन प्राप्त होता है, तो वह साझेदारी अधिक स्थायी और भरोसेमंद बन जाती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकात भविष्य के भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने बताया रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संवाद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और एंगस टेलर के बीच हुई बातचीत बेहद सार्थक रही।
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात ने यह स्पष्ट किया कि भारत के साथ संबंधों को लेकर ऑस्ट्रेलिया की राजनीतिक व्यवस्था में व्यापक सहमति है। साथ ही यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहराई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ भी विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), शिक्षा, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष नेतृत्व से भी की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा केवल सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन, विक्टोरिया की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर, ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम के प्रतिनिधियों, भारतीय समुदाय के सदस्यों तथा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की।
इन बैठकों के जरिए दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश, सांस्कृतिक संबंध और भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
MCG में खेल सहयोग रोडमैप बनेगा नई शुरुआत का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) दौरा इस यात्रा का एक विशेष आकर्षण माना जा रहा है।
यहीं दोनों नेता भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप का अनावरण करेंगे। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, प्रतिभा विकास, कोचिंग, खेल अवसंरचना और युवा खिलाड़ियों के आदान-प्रदान को नई गति देना है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले से ही क्रिकेट के माध्यम से गहरे खेल संबंध साझा करते हैं। अब यह सहयोग अन्य खेलों तक भी विस्तारित करने की तैयारी है।
2030 और 2032 के वैश्विक खेल आयोजनों पर भी नजर
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि खेल सहयोग दोनों देशों के संबंधों का तेजी से उभरता हुआ महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
उन्होंने बताया कि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 2032 ओलंपिक खेलों के आयोजन की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में खेल प्रबंधन, तकनीकी सहयोग, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और आयोजन क्षमता विकसित करने में दोनों देश एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ उठा सकते हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत साझेदारी का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले से ही क्वाड (Quad) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे विषय आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बना सकते हैं।
विश्वास, साझेदारी और भविष्य की नई दिशा
PM Modi Australia Visit यह संदेश देती है कि भारत आज केवल आर्थिक शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक कूटनीति के एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
विपक्ष के नेता से लेकर प्रधानमंत्री, उद्योग जगत, खेल जगत और भारतीय समुदाय तक व्यापक संवाद इस बात का संकेत है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध अब बहुआयामी साझेदारी में बदल चुके हैं। आने वाले समय में व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में यह सहयोग दोनों देशों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।

