नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टFile Photo

नई दिल्ली/नोएडा: उत्तर प्रदेश के जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की आर्थिक और वैश्विक रणनीति का अहम स्तंभ बनता जा रहा है। पहले चरण के लोकार्पण और मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधा के शिलान्यास के साथ यह परियोजना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गई है। देश-विदेश के उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों ने इसे “भारत के विकास का नया मॉडल” बताया है।

वैश्विक निवेश और अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र

सिंगापुर की प्रतिष्ठित कंपनी सैट्स लिमिटेड के गेटवे सर्विसेज के सीईओ बॉब ची ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगा।

उनके मुताबिक, “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश, लॉजिस्टिक्स और एविएशन सेक्टर में नई संभावनाओं का द्वार खोल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ भारत को एशिया के प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

फिल्म सिटी और एयरपोर्ट: विकास का डबल इंजन

फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को विकास का नया आयाम बताया। उन्होंने कहा कि वह केवल इस विकास के गवाह नहीं, बल्कि इसका हिस्सा हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में एयरपोर्ट और प्रस्तावित फिल्म सिटी मिलकर इस क्षेत्र को आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करेंगे।

इस संयोजन से पर्यटन, मीडिया और मनोरंजन उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार

इंडियन ऑयल स्काईटैंकिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ टीएस दुपारे ने बताया कि कंपनी ने देश का सबसे आधुनिक एविएशन फ्यूल फार्म तैयार कर लिया है।

2022 में मिले ठेके के बाद प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए इस प्रोजेक्ट को हासिल किया गया था। अब यह सुविधा पूरी तरह तैयार है और विमानों को अत्याधुनिक तकनीक के साथ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए सक्षम है।

यह कदम एयरपोर्ट को ऑपरेशनल दक्षता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

निर्यात और उद्योग को मिलेगा बड़ा बूस्ट

नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल के अनुसार, यह एयरपोर्ट एक बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा।

उन्होंने कहा कि “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्यात उद्योग के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।”

विशेष रूप से टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल सेक्टर को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय बैंकिंग और फॉरेक्स सुविधा

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम देबाशीष मेश्राम ने जानकारी दी कि एयरपोर्ट परिसर में अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

यहां एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, ई-लॉबी और डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म YONO की सुविधा होगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24×7 फॉरेक्स काउंटर और 18 से अधिक विदेशी मुद्राओं को सपोर्ट करने वाला ट्रैवल कार्ड भी उपलब्ध रहेगा।

यह सुविधा एयरपोर्ट को यात्रियों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।

तेज और सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण बना मिसाल

गौतम बुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण देश में सबसे तेज और किफायती तरीके से पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति और संवाद के जरिए इस प्रक्रिया को सफल बनाया गया, जो अपने आप में एक अनूठी मिसाल है।

यह मॉडल भविष्य की अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए भी मार्गदर्शक बन सकता है।

IGI एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम

एविएशन और टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव के कारण नई एयरलाइन्स को स्लॉट मिलना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान करेगा और दिल्ली-एनसीआर, आगरा सहित पूरे उत्तर प्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी देगा।

इसके साथ ही दिल्ली और जेवर के बीच हाई-स्पीड मेट्रो या एक्सप्रेस कनेक्टिविटी, होटल इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विकास की भी जरूरत बताई गई।

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी

परियोजना से जुड़े सुरक्षा अधिकारी मैमुल्लाह अंसारी ने कहा कि यह एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा।

निर्माण, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, होटल और सर्विस सेक्टर में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।

जेवर: समग्र विकास का उभरता केंद्र

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब एक बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है, जो उद्योग, निर्यात, पर्यटन, फिल्म, बैंकिंग और रोजगार जैसे कई क्षेत्रों को एक साथ जोड़ रहा है।

यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की क्षमता रखती है।

दिग्गजों की राय साफ संकेत देती है कि जेवर आने वाले समय में एक प्रमुख वैश्विक हब के रूप में स्थापित हो सकता है, जो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

By Bhaskar

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