नैनीताल/रुद्रपुर Nainital Gang Rape: कहने को तो हम उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ कहते हैं, लेकिन पिछले 48 घंटों में जो खबरें सामने आई हैं, उन्होंने हर उत्तराखंडी का सिर शर्म से झुका दिया है। नैनीताल के काठगोदाम में एक 15 साल की मासूम बच्ची के साथ जो हुआ, वो रूह कंपा देने वाला है। अभी इस खबर की स्याही सूखी भी नहीं थी कि रुद्रपुर से एक और वीभत्स वारदात सामने आ गई। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उन्हें न पुलिस का खौफ है और न कानून का।
काठगोदाम: चाऊमीन लेने गई थी बच्ची, मिली बेसुध हालत में
नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र से आई यह खबर (Nainital Gang Rape) किसी भी माता-पिता की रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी है। 24 फरवरी की शाम, एक मासूम सिर्फ बाजार तक गई थी, लेकिन वह वापस उस हाल में नहीं लौटी जैसी वह गई थी।
वारदात की पूरी कहानी: परिजनों के मुताबिक, उनकी बेटी शाम को चाऊमीन लेने बाजार गई थी। जब काफी देर तक वह घर नहीं लौटी, तो तलाश शुरू हुई। काफी भाग-दौड़ के बाद वह हैड़ाखान रोड पर बदहवास और बेसुध हालत में मिली। जब बच्ची को थोड़ा होश आया तो उसने जो बताया वो सुनहरे उत्तराखंड की काली हकीकत बयां करता है।
पड़ोस में ही रहने वाले दो युवकों ने उसे बहला-फुसलाकर अपनी कार में बैठाया, सुनसान जगह ले गए और उसे कोई नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद उन दरिंदों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन सवाल वही है—क्या हमारी बेटियां घर के बाहर सुरक्षित हैं?
रुद्रपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: देवर के सामने महिला से गैंगरेप
नैनीताल की यह घटना Nainital Gang Rape से चंद घंटे दूर ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में भी ऐसी ही एक वारदात हुई, जो कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोलती है। एक महिला अपने देवर के साथ ‘सरस मेले’ से लौट रही थी। रास्ते में देवर के ही कुछ तथाकथित ‘दोस्त’ मिले, जिन्होंने पहले बातचीत की और फिर असली रंग दिखाया।
तमंचा, डर और दरिंदगी: आरोपियों ने तमंचा निकाला, महिला को अगवा किया और एक सुनसान मैदान में ले गए। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली बात यह है कि आरोपियों ने महिला के देवर के सामने ही उसके साथ बारी-बारी से रेप किया। यह मामला दिखाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
ग्राउंड रिपोर्ट: आखिर क्यों बढ़ रहे हैं देवभूमि में ऐसे अपराध?
स्थानीय लोगों और जानकारों से बात करने पर कुछ कड़वे सच सामने आते हैं, जिन्हें प्रशासन को समझना होगा:
- नशे का बढ़ता कारोबार: काठगोदाम की घटना में नशीले पदार्थ का इस्तेमाल हुआ। पहाड़ों में बढ़ता नशा युवाओं को अपराधी बना रहा है।
- सुनसान इलाकों में गश्त की कमी: हैड़ाखान रोड हो या रुद्रपुर के बाहरी इलाके, शाम के बाद यहाँ पुलिस की मौजूदगी न के बराबर होती है।
- सत्यापन का अभाव: बाहरी और स्थानीय लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।
“नैनीताल एसपी सिटी मनोज कत्याल का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है और पीड़िता को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।”
हमारी राय: अब सिर्फ गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा!
बॉस, बतौर पत्रकार मेरा मानना है कि जब तक ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए ऐसी सजा नहीं मिलेगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बने, तब तक ये अपराधी नहीं सुधरेंगे। नैनीताल और रुद्रपुर की घटनाएं महज ‘क्राइम रिपोर्ट’ नहीं हैं, ये हमारे समाज के गिरते स्तर का आईना हैं।
प्रशासन से कुछ तीखे सवाल:
- क्यों संवेदनशील इलाकों में शाम के बाद सीसीटीवी कैमरे और लाइट की व्यवस्था नहीं है?
- क्या एंटी-रोमियो स्क्वाड सिर्फ शहरों के मुख्य चौराहों तक ही सीमित है?
- ‘बेटी बचाओ’ के नारे के बीच हमारी बेटियां सुरक्षित महसूस क्यों नहीं कर पा रही हैं?
Nainital Gang Rape की इस घटना ने देवभूमि को शर्मसार तो किया ही है साथ में उत्तराखंड की जनता अब ऐसी घटनाओं पर ठोस कार्रवाई चाहती है। नैनीताल और रुद्रपुर के इन ‘दरिंदों’ को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि देवभूमि की शुचिता बनी रहे।

