हल्द्वानी/नैनीताल: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र कैंची धाम स्थापना दिवस मेला 2026 एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बन रहा है। रविवार सुबह बाबा नीब करौरी महाराज के मंदिर में विशेष आरती और पूजा-अर्चना के साथ स्थापना दिवस मेले का शुभारंभ हुआ। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और देखते ही देखते मंदिर परिसर के बाहर लंबी कतारें लग गईं।
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला 2026 में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों भक्त बाबा के दरबार में पहुंच चुके हैं। श्रद्धालु भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा और जयकारों के बीच अपने आराध्य के दर्शन के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

आस्था का केंद्र बना कैंची धाम
नैनीताल जिले की पर्वतीय वादियों में स्थित कैंची धाम केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है। बाबा नीब करौरी महाराज के चमत्कारों और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित होकर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
स्थापना दिवस का यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही कारण है कि सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
मंदिर परिसर के बाहर लगी लंबी कतारें
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला 2026 की पूर्व संध्या से ही श्रद्धालुओं का कैंची धाम पहुंचना शुरू हो गया था। रातभर बड़ी संख्या में भक्त मंदिर के आसपास डेरा जमाए रहे ताकि सुबह सबसे पहले बाबा के दर्शन कर सकें।
रविवार सुबह कपाट खुलते ही मंदिर परिसर के बाहर कई किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु अनुशासित तरीके से अपनी बारी का इंतजार करते हुए भजन गा रहे हैं और बाबा के जयकारे लगा रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने इसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव बताया।

सुरक्षा के लिए 1500 से अधिक जवान तैनात
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक मजबूत बनाया गया है।
मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों, शटल सेवा केंद्रों और प्रमुख मार्गों पर करीब 1500 से अधिक पुलिस एवं पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में जिला पुलिस के अलावा एसडीआरएफ, एटीएस, बम निरोधक दस्ता, एलआईयू और अर्द्धसैनिक बलों को भी लगाया गया है।
प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।
वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निगरानी
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला 2026 की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भी बड़ी तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए तीन जिलों के एसएसपी और एसपी स्तर के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
इसके अलावा सात अपर पुलिस अधीक्षक, चौदह क्षेत्राधिकारी और वायरलेस विभाग के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आधुनिक संचार व्यवस्था और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान
हर वर्ष कैंची धाम मेले के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था को लेकर होती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है।
कैंची धाम की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे सड़क पर दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहेगी।
इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि निजी वाहनों के कारण मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवाओं की व्यवस्था
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर शटल सेवाएं शुरू की हैं। भीमताल, भवाली, सैनिटोरियम, नैनीताल, खैरना, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और काठगोदाम से नॉन-स्टॉप शटल बसें संचालित की जा रही हैं।
निजी वाहन लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करना होगा। इसके बाद उन्हें शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम तक पहुंचाया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इससे सड़क पर वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी और श्रद्धालुओं को भी अधिक सुविधा मिलेगी।
येलो स्टीकर व्यवस्था से होगा बेहतर यातायात प्रबंधन
यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस बार विशेष येलो स्टीकर प्रणाली लागू की गई है। कैंची धाम रूट पर संचालित वाहनों को विशेष पहचान के लिए येलो स्टीकर जारी किए गए हैं।
इस व्यवस्था के माध्यम से पुलिस और प्रशासन को यातायात नियंत्रण में आसानी होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सुखद दर्शन अनुभव उपलब्ध कराना है। इसके लिए जनता और प्रशासन के बीच सहयोग बेहद आवश्यक है।
आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का महाकुंभ
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक एकता और श्रद्धा का महाकुंभ बन चुका है। बाबा नीब करौरी महाराज के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ही इस आयोजन की सबसे बड़ी पहचान है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों लोग बाबा के आशीर्वाद की कामना लेकर यहां पहुंचे हैं। प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच कैंची धाम पूरी तरह भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में डूबा हुआ नजर आ रहा है।
जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में पूरा उत्तराखंड इस भव्य आयोजन का साक्षी बन रहा है, जहां आस्था और व्यवस्था दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

