नई दिल्ली/ मानसून का नया अपडेट: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार रफ्तार पकड़ता जा रहा है और अब इसकी सक्रियता उत्तर एवं मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक पहुंच सकता है, जिससे इन राज्यों में भी व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को असम, मेघालय, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका भी जताई गई है।
इसके अलावा उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां और अधिक सक्रिय रहेंगी।
राजस्थान से पश्चिम बंगाल तक तेज बारिश और आंधी की चेतावनी
आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार 25 जून को राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। वहीं झारखंड में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
दक्षिण भारत में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण दक्षिणी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना बना रहेगा।
दिल्ली-NCR में मिलेगी गर्मी से राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भी भीषण गर्मी से राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।
इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
शुक्रवार को भी मौसम लगभग ऐसा ही बना रहेगा। बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बदलेगा मौसम
25 से 26 जून के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है।
उत्तर प्रदेश में जल्द पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 से 30 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। यदि अनुमान सही साबित होता है तो उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड में भी मानसून का आगमन हो जाएगा।
मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों को जलभराव वाले इलाकों से बचने, समुद्र तटों पर न जाने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
किसानों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का नया अपडेट की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है।
वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली गिरने के समय खुले स्थानों में न रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।
देशभर में मानसून की रफ्तार जिस तरह बढ़ रही है, उससे आने वाले दिनों में अधिकांश राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

