तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगीPhoto: @DehradunPolice

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेलाकुई थाना क्षेत्र में वर्षों से खुद को धार्मिक अनुष्ठान कराने वाला बताने वाले एक कथित बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अनिष्ट और जादू-टोने का भय दिखाकर एक महिला और उसके परिवार से 65 तोला सोने के आभूषण ठग लिए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अब तक करीब 15 तोला सोना और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जबकि बाकी आभूषणों की तलाश जारी है।

यह मामला सिर्फ एक तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का ही नहीं, बल्कि अंधविश्वास के सहारे लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठाकर सुनियोजित अपराध करने की कहानी भी बयां करता है।

अनिष्ट का डर दिखाकर रची गई ठगी की पूरी पटकथा

पुलिस के अनुसार 31 मई 2026 को सेलाकुई निवासी ओशीन गुरंग ने थाना सेलाकुई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि महंत राहुल थापा नामक व्यक्ति ने तंत्र-मंत्र और अनिष्ट की आशंका जताकर उनके परिवार को भयभीत किया और विशेष पूजा-अनुष्ठान कराने के नाम पर उनके घर से बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण गायब कर दिए।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और 10 जून को आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

वर्षों से धार्मिक छवि बनाकर लोगों का जीतता था भरोसा

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राहुल थापा वर्ष 2013 से पंडिताई का काम कर रहा था। वह लोगों को भविष्य बताने, धार्मिक अनुष्ठान कराने और माता की चौकी लगाने जैसे कार्य करता था। स्थानीय स्तर पर उसकी धार्मिक छवि बन चुकी थी और कई लोग उस पर विश्वास करते थे।

इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने अधिक पैसा कमाने की लालसा में एक नई योजना बनाई। वह अपने आर्थिक रूप से संपन्न शिष्यों और परिचितों को निशाना बनाता था। पहले उनके घरों के बाहर रात के समय जादू-टोने से जुड़ी सामग्री वाली पोटली फेंक देता और फिर अगले दिन उन्हें फोन कर किसी अनिष्ट या तांत्रिक प्रभाव का डर दिखाता था।

रात में फेंकी पोटली, सुबह शुरू हुआ डर का खेल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से पीड़िता ओशीन गुरंग को जानता था। उसे मालूम था कि वह परिवार की इकलौती बेटी है और घर में पर्याप्त मात्रा में कीमती आभूषण मौजूद हैं।

योजना के तहत 1 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे आरोपी स्कूटी से पीड़िता के घर पहुंचा और गेट के भीतर एक काले कपड़े में बंधी पोटली फेंक दी। इस पोटली में उड़द की दाल, रोली, लौंग, नींबू के टुकड़े और अन्य सामग्री रखी गई थी ताकि वह किसी तांत्रिक क्रिया का हिस्सा प्रतीत हो।

अगली सुबह आरोपी ने पीड़िता को फोन कर दावा किया कि उसे सपना आया है और उनके घर पर किसी ने खतरनाक जादू-टोना किया है। उसने महिला को घर के बाहर जाकर देखने को कहा, जहां पहले से रखी गई पोटली मिली। इससे परिवार पूरी तरह उसके झांसे में आ गया।

पूजा-अनुष्ठान के बहाने गायब कर दिए करोड़ों के आभूषण

इसके बाद आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और परिवार को गंभीर अनिष्ट की आशंका बताई। उसने कहा कि विशेष पूजा और अनुष्ठान से ही इस संकट को टाला जा सकता है।

अनुष्ठान के दौरान उसने महिला और उसकी मां को अपने सभी सोने के आभूषण एक कपड़े में बांधकर संदूक में रखने को कहा। साथ ही नारियल, चावल और फूल भी संदूक में रखवाए गए।

जब महिला और उसकी मां को कुछ धार्मिक प्रक्रिया के नाम पर छत की परिक्रमा करने भेजा गया, तब आरोपी ने मौका देखकर संदूक से सभी आभूषण निकाल लिए और संदूक को दोबारा बंद कर दिया। पूजा समाप्त होने के बाद उसने निर्देश दिया कि संदूक को मंदिर में रखा जाए और 62 दिन बाद खोला जाए।

इसी दौरान आरोपी चोरी-छिपे आभूषण अपने साथ ले गया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई, सोना गलाकर बनाए गए बिस्किट बरामद

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी राहुल थापा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा अपराध कबूल कर लिया।

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 150 ग्राम के गोल्ड बिस्किट बरामद किए, जिन्हें ठगे गए आभूषणों को गलाकर तैयार किया गया था। इसके अलावा आभूषण बेचकर प्राप्त किए गए 5 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस का मानना है कि आरोपी ने बरामदगी से पहले कुछ आभूषणों को बाजार में बेच भी दिया था। इसलिए शेष संपत्ति की बरामदगी अभी चुनौती बनी हुई है।

और भी मामलों के खुलासे की संभावना

देहरादून पुलिस अब आरोपी के आपराधिक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और इस तरह की अन्य संभावित घटनाओं की भी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि उसने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है।

एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि घटना लगभग तीन महीने पुरानी होने के कारण बरामदगी में कई चुनौतियां थीं। इसके बावजूद पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शेष आभूषणों की बरामदगी और अन्य तथ्यों की जांच के लिए आरोपी का पुलिस रिमांड लिया जाएगा।

अंधविश्वास से सावधान रहने की जरूरत

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अंधविश्वास और भय का फायदा उठाकर अपराधी किस तरह लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनिष्ट, जादू-टोना या तंत्र-मंत्र के नाम पर डर फैलाकर धन या आभूषण मांगने पर तुरंत सतर्क होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

देहरादून में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि धार्मिक आस्था और अंधविश्वास के बीच अंतर समझना बेहद जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई ने जहां एक बड़े ठगी गिरोह की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं, वहीं आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

By Bhaskar

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