देहरादून में मानसून की तैयारियाँ

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने मानसून तैयारियों की व्यापक समीक्षा की, हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी, जर्जर भवनों पर कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और जलनिकासी व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश।

Dehradun News: मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही देहरादून में मानसून की तैयारियाँ में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित जलभराव, सड़क दुर्घटनाओं, बिजली संबंधी जोखिम, डेंगू संक्रमण और आपदा जैसी परिस्थितियों से पहले ही निपटने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि मानसून के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनहित से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई होगी।

बैठक में नगर क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, विद्युत सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल गुणवत्ता, रैनबसेरों की व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि मानसून केवल एक मौसम नहीं बल्कि प्रशासनिक तैयारी की वास्तविक परीक्षा भी है। इसलिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम करना होगा।

देहरादून में मानसून की तैयारियाँ

जलभराव रोकने पर सबसे ज्यादा जोर

देहरादून में मानसून की तैयारियाँ की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शहर में जलभराव की समस्या को प्राथमिकता से उठाया। उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख नालों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि बारिश के दौरान पानी सड़कों पर जमा न हो।

उन्होंने अधिकारियों से संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर पहले से आवश्यक इंतजाम करने को कहा। साथ ही सिंचाई विभाग को शहर की नहरों और भूमिगत जल निकासी तंत्र का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य की योजना अधिक प्रभावी बनाई जा सके।

रिस्पना और बिंदाल नदी किनारे विशेष निगरानी

डीएम ने रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे बसे संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

देहरादून में मानसून की तैयारियाँ

सड़कों के गड्ढों पर सख्त चेतावनी

बैठक में सड़कों की स्थिति और विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही रोड कटिंग पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क खोदने के बाद तुरंत उसका पुनर्स्थापन किया जाए और किसी भी स्थिति में लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क पर बने गड्ढों के कारण कोई दुर्घटना होती है या जान-माल का नुकसान होता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गेल परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतों पर भी डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार पर आर्थिक दंड लगाने के साथ दोबारा लापरवाही मिलने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी।

देहरादून में मानसून की तैयारियाँ

डेंगू नियंत्रण के लिए स्कूलों तक पहुंचेगा अभियान

बारिश के मौसम में बढ़ते डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों को व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान तेज करने को कहा गया।

मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी स्कूलों में बच्चों को फुल स्लीव ड्रेस पहनने के लिए प्रेरित किया जाए और डेंगू व मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी लगातार निगरानी

बैठक का सबसे संवेदनशील पहलू स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा रहा। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने खुद हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसी सभी महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही जिन महिलाओं की प्रसव तिथि नजदीक है, उन्हें निर्धारित समय से लगभग एक सप्ताह पहले सुरक्षित अस्पतालों में शिफ्ट करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

देहरादून में मानसून की तैयारियाँ

पेयजल और खाद्य गुणवत्ता पर भी रहेगा फोकस

जिलाधिकारी ने जल संस्थान और पेयजल निगम को पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग को होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की लगातार जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

खराब स्ट्रीट लाइटें तुरंत होंगी ठीक

रात्रि में नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीएम ने शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता से ठीक कराने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट नहीं हैं, वहां नई लाइटें लगाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।

नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी और नगर निकाय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।

जर्जर भवनों पर होगी कार्रवाई

मानसून के दौरान पुराने और जर्जर भवन हादसों का कारण बन सकते हैं। इसे देखते हुए बैठक में शहर के ऐसे भवनों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 23 भवन चिन्हित किए जा चुके हैं।

डीएम ने निर्देश दिए कि न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर बाकी सभी असुरक्षित भवनों के खिलाफ नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।

बिजली सुरक्षा पर विशेष अभियान

बारिश के दौरान बिजली के खुले और झूलते तार अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने भूमिगत केबलिंग कार्य को तेज करने और मानसून के दौरान विद्युत व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए।

सभी विभागों को दिया स्पष्ट संदेश

देहरादून में मानसून की तैयारियाँ के दौरान अंत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने दोहराया कि जनता की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की यह व्यापक तैयारी स्पष्ट करती है कि इस बार मानसून से पहले संभावित जोखिमों को कम करने के लिए केवल कागजी योजनाओं पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यदि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हैं, तो मानसून के दौरान नागरिकों को काफी हद तक राहत और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

By Bhaskar

Bhaskaranand Founder, Editor & Content Strategist | Bugyal News भास्करानन्द एक पत्रकार, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार, जनसरोकार, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भास्करानन्द ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे बच्चों और युवाओं के लिए दो दर्जन से अधिक थिएटर कार्यशालाओं में थिएटर मेंटर के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रचनात्मक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े रहे हैं। Bugyal News के संस्थापक एवं संपादक के रूप में उनका उद्देश्य उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को तेज़, सटीक और जनहितकारी रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। उनकी लेखनी में जमीनी मुद्दों, विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े विषयों को विशेष स्थान मिलता है। Contact 📧 Email: anandbhaskar462@gmail.com 🌐 Website: bugyalnews.com

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