उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडर संकट

उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडर संकट: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर का प्रभाव अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो गई है। हालात यह हैं कि सरकार ने फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बुकिंग और सप्लाई पर रोक लगा दी है, जिसके कारण होटल, रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

दूसरी ओर, घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने कहा है कि घरेलू LPG की सप्लाई सामान्य बनी हुई है, हालांकि सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा में बदलाव किया गया है।


गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें

देहरादून समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों में घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घरेलू गैस की सप्लाई बंद नहीं की गई है, लेकिन वितरण व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं।

पहले उपभोक्ता 21 दिन बाद दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे, जबकि अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है, लेकिन सरकार का दावा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की गंभीर समस्या नहीं आने दी जाएगी।


3 मार्च से बंद है कमर्शियल गैस सप्लाई

उत्तराखंड गैस एजेंसी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट चमन लाल के अनुसार, 3 मार्च से कमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित है।

उन्होंने बताया कि एजेंसियों के पास फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक नहीं है और नए सिलेंडरों की सप्लाई भी नहीं आ रही है।

“3 मार्च से कमर्शियल गैस की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से हम ग्राहकों को गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। कमर्शियल कनेक्शन वाले ग्राहक लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन हमारे पास स्टॉक ही नहीं है।”
— चमन लाल, प्रेसिडेंट, उत्तराखंड गैस एजेंसी एसोसिएशन


होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर सबसे ज्यादा असर

उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडर संकट का सबसे अधिक असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है। देहरादून होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु कोचर ने कहा कि गैस सप्लाई बंद होने से होटल और भोजनालय संचालकों के सामने संचालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

“हम इस मुश्किल समय में सरकार के साथ हैं, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की पूरी तरह सप्लाई रोक देना सही फैसला नहीं है। अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक बनी रही तो कई होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।”
— मनु कोचर, प्रेसिडेंट, होटल इंडस्ट्री एसोसिएशन

उन्होंने बताया कि अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट कोयले या अन्य ईंधन का इस्तेमाल नहीं कर सकते, इसलिए गैस ही उनका मुख्य विकल्प है। गैस की अनुपलब्धता से हजारों कर्मचारियों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है।


मेन्यू कम कर रहे रेस्टोरेंट संचालक

गैस संकट से निपटने के लिए कई रेस्टोरेंट संचालकों को अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। होटल संचालक अब सिर्फ वही व्यंजन बना पा रहे हैं जो ओवन या इंडक्शन कुकर पर तैयार किए जा सकते हैं।

रेस्टोरेंट मालिक रवीश गाबा ने बताया कि उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डीजल से चलने वाली भट्टी का ऑर्डर दिया है।

“हम अभी ज्यादातर खाना ओवन और इंडक्शन पर बना रहे हैं, लेकिन कुछ व्यंजन जैसे डोसा गैस के बिना बनाना मुश्किल है। डोसा तवे का कोई इलेक्ट्रिक विकल्प उपलब्ध नहीं है।”
— रवीश गाबा, रेस्टोरेंट संचालक


बेकरी और कैफे भी संकट में

सिर्फ रेस्टोरेंट ही नहीं बल्कि बेकरी और कैफे कारोबार भी गैस की कमी से प्रभावित हो रहा है। कैफे संचालक वरुण गुलाटी ने बताया कि उनके पास केवल एक-दो दिन का गैस स्टॉक बचा है।

उन्होंने बताया कि सप्लाई रुकने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट्स मंगवाईं, लेकिन बड़े स्तर पर खाना पकाने के लिए यह व्यवस्था प्रभावी नहीं है।

“इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट पर खाना पकाने के लिए हमारे पास जरूरी बर्तन भी नहीं हैं। इसलिए हमने फिलहाल अपना मेन्यू लगभग 25 प्रतिशत कम कर दिया है।”
— वरुण गुलाटी, कैफे संचालक


देहरादून में 19 हजार कमर्शियल गैस कनेक्शन

देहरादून के जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार जिले में करीब 19,000 कमर्शियल गैस कनेक्शन हैं।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर हॉस्पिटल, हॉस्टल और स्कूलों को दी जा रही है।

अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए गैस वितरण को लेकर तीनों सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है, जो देश में गैस की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लेगी।


मंत्री बोले – घबराने की जरूरत नहीं

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि घरेलू गैस की सप्लाई पर्याप्त है।

उन्होंने बताया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता फिलहाल प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

“पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति पर दबाव बना है। इसका असर कई देशों में देखने को मिल रहा है और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है।”
— सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री

मंत्री ने बताया कि इस विषय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी चर्चा की गई है और राज्य सरकार केंद्र तथा संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रही है।


जिम्मेदारी से गैस उपयोग की अपील

सरकार ने होटल और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे अपने गैस स्टॉक का सावधानी से उपयोग करें। उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन राज्य है और यहां बड़ी संख्या में होटल और भोजनालय संचालित होते हैं।

सरकार का कहना है कि यह समस्या अस्थायी है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने के साथ ही उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडर संकट की समस्या जल्द बहाल होने की उम्मीद है।

By Bhaskar

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