Apple warns iPhone usersFile Photo

नई दिल्ली, 08 दिसंबर। Apple ने iPhone और iPad यूजर्स को चेतावनी दी है कि वे Google Chrome ब्राउज़र के बजाय Safari का इस्तेमाल करें। कंपनी का कहना है कि Safari न केवल यूजर्स की प्राइवेसी सुरक्षित रखता है, बल्कि यह उन खतरनाक तकनीकों जैसे “क्रिएटिव फिंगरप्रिंटिंग” से भी सुरक्षा प्रदान करता है, जिनके जरिए वेबसाइट और विज्ञापनदाता आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं।

Apple की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया है कि Safari आपके डिवाइस के यूनिक कॉम्बिनेशन को ट्रैक करने से रोकता है। कंपनी का कहना है कि Chrome, इन सुरक्षा सुविधाओं में Safari की तुलना में काफी कमजोर है।


Safari क्यों है ज्यादा सुरक्षित?

डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, फिंगरप्रिंटिंग एक उन्नत ट्रैकिंग तकनीक है। इसमें आपके डिवाइस से विभिन्न डेटा पॉइंट्स एकत्र किए जाते हैं—जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र सेटिंग्स, स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन, इंस्टॉल किए गए फॉन्ट और प्लगइन्स—और इन्हें एक यूनिक डिजिटल प्रोफाइल में बदल दिया जाता है। इस प्रोफाइल के जरिए वेबसाइट और विज्ञापनदाता आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को लगातार ट्रैक कर सकते हैं, भले ही आपने कुकीज को ब्लॉक कर दिया हो।

Apple के मुताबिक, Safari इस समस्या से निपटने के लिए एक “सिस्टम कॉन्फिगरेशन का आसान वर्जन” प्रदान करता है। इसका मतलब है कि अधिकतर डिवाइस ट्रैकर्स Safari उपयोगकर्ताओं को समान दिखते हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग यूजर्स की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

साल 2025 में डिजिटल फिंगरप्रिंटिंग काफी खतरनाक साबित हुई है। Google ने हाल ही में Chrome में Creative Fingerprinting पर लगी रोक हटा दी है, जो यूजर्स के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इसे डिसेबल नहीं किया जा सकता। कुकीज़ से यूजर्स को ऑप्ट-आउट का विकल्प मिलता है, लेकिन फिंगरप्रिंटिंग के मामले में ऐसा नहीं है।


Apple की सुरक्षा सुविधाएं

Apple ने Safari में कई उन्नत सुरक्षा सुविधाओं को शामिल किया है। इनमें शामिल हैं:

  1. AI-बेस्ड ट्रैकिंग रोकथाम: यह तकनीक वेबसाइट और विज्ञापनदाताओं द्वारा आपके ऑनलाइन व्यवहार को ट्रैक करने के प्रयासों को ब्लॉक करती है।

  2. प्राइवेट ब्राउजिंग: यह सुविधा यूजर्स के सर्च हिस्ट्री और बुकमार्क को सुरक्षित रखती है।

  3. लोकेशन हार्वेस्टिंग सुरक्षा: Safari आपके लोकेशन डेटा को केवल तभी साझा करता है जब आप अनुमति दें।

इसके अलावा Safari Google Docs, Google Sheets और Google Slides जैसे ऐप्स के साथ पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिससे यूजर्स को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।


Chrome के मुकाबले Safari बेहतर

Apple का कहना है कि Chrome इन सभी सुरक्षा मामलों में Safari के मुकाबले कमजोर है। विशेषज्ञों का मानना है कि Chrome में Creative Fingerprinting जैसी तकनीकें आसानी से यूजर्स को ट्रैक कर सकती हैं। इसके अलावा, Chrome में प्राइवेट ब्राउजिंग मोड में भी यह सुरक्षा उतनी प्रभावी नहीं है जितनी Safari में है।

सॉफ्टवेयर विश्लेषकों के अनुसार, Safari की यह सुरक्षा फीचर iOS और iPadOS के इंटीग्रेटेड सिस्टम का हिस्सा होने के कारण अधिक प्रभावी है। Safari में AI आधारित सुरक्षा मॉड्यूल सीधे सिस्टम लेवल पर काम करता है, जबकि Chrome जैसे थर्ड-पार्टी ब्राउज़र में यह सुविधा सीमित रहती है।


Google इंटीग्रेशन का जाल

हालांकि Safari ज्यादा सुरक्षित है, लेकिन Google के साथ इसके इंटीग्रेशन कुछ यूजर्स के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए, Safari में डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन के तौर पर अक्सर Google ही सेट होता है। इसके अलावा, हर पेज के नीचे Google अपने ऐप का हाइलाइट लिंक देता है, जिसमें एक-क्लिक रीडायरेक्ट होता है। गलती से इस लिंक पर क्लिक करना आसान है और इससे यूजर्स अनजाने में Google की सेवाओं के लिए ट्रैकिंग के दायरे में आ सकते हैं।

Apple का सुझाव है कि यूजर्स सर्च इंजन को बदलकर DuckDuckGo या StartPage जैसे प्राइवेसी-फ्रेंडली विकल्प चुन सकते हैं। यह कदम Google के फिंगरप्रिंटिंग और डेटा-संग्रह को काफी हद तक कम कर देता है।


फिंगरप्रिंटिंग और प्राइवेसी की चुनौती

फिंगरप्रिंटिंग एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर से दर्जनों डेटा पॉइंट्स इकट्ठा किए जाते हैं और उन्हें ट्रैक करने योग्य डिजिटल पहचान में बदला जाता है। विज्ञापनदाता और वेबसाइट्स इस प्रोफाइल का इस्तेमाल आपके ऑनलाइन व्यवहार को समझने और कस्टमाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए करते हैं।

Apple की Safari इस चुनौती का मुकाबला करता है, जबकि Chrome उपयोगकर्ताओं को इस जोखिम में छोड़ देता है। Mozilla Firefox ने भी हाल ही में अपने ब्राउज़र में फिंगरप्रिंटिंग रोकथाम फीचर अपडेट किया है, जिससे यह देखना आसान हो गया है कि आपकी पहचान ऑनलाइन कितनी सुरक्षित है।


निष्कर्ष

iPhone और iPad यूजर्स के लिए Apple की चेतावनी स्पष्ट है—Google Chrome के बजाय Safari का उपयोग करें। Safari न केवल Creative Fingerprinting जैसी जटिल ट्रैकिंग तकनीकों से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि AI-बेस्ड ट्रैकिंग रोकथाम, प्राइवेट ब्राउजिंग और लोकेशन हार्वेस्टिंग सुरक्षा जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राइवेसी की गारंटी भी देता है।

यद्यपि Google के साथ इंटीग्रेशन कुछ जोखिम पैदा कर सकता है, लेकिन प्राइवेसी-केंद्रित सर्च इंजन और सावधानीपूर्वक ब्राउजिंग के जरिए यूजर्स अपने डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं। डिजिटल दुनिया में प्राइवेसी अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि एक ज़रूरत बन चुकी है, और Safari इस दिशा में सबसे भरोसेमंद टूल साबित हो रहा है।

By Bhaskar

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