अंकिता भंडारी हत्याकांडPhoto: Bugyal News

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर जनाक्रोश सड़कों पर दिखाई देने जा रहा है। राज्य से उठी न्याय की मांग अब राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंच गई है। रविवार, 26 अप्रैल को जंतर मंतर पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच कर रहा है, जिसने आम जनता से अपील की है कि वे सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर इस आंदोलन का हिस्सा बनें। मंच का कहना है कि यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है।


क्या है पूरा मामला?

साल 2022 में उत्तराखंड की 19 वर्षीय युवती अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में कथित तौर पर एक भाजपा नेता के बेटे और उसके साथियों को दोषी पाया गया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

हालांकि, पीड़ित पक्ष और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इस मामले में एक कथित “VIP” की भूमिका सामने आई थी, जिसे अब तक जांच के दायरे में नहीं लाया गया है। आरोप यह भी है कि अंकिता पर “एक्स्ट्रा सर्विस” देने का दबाव इसी कथित VIP के कारण बनाया जा रहा था।


मंच और कार्यकर्ताओं के आरोप

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की सदस्य कमला पंत ने कहा कि:

“तीन साल बीतने के बावजूद इस केस में कई महत्वपूर्ण पहलू अब भी अनसुलझे हैं। सरकार ने जनदबाव में आकर जांच सीबीआई को जरूर सौंप दी, लेकिन कथित वीआईपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल ही में एक ऑडियो क्लिप सामने आई, जिसमें भाजपा के एक पूर्व विधायक की कथित पत्नी उर्मिला राठौड़ ने भी उस VIP का नाम दोहराया था। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।


CBI जांच और सिटिंग जज की निगरानी की मांग

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में CBI से कराई जाए

मंच का कहना है कि जब तक कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक पीड़िता को न्याय मिलना अधूरा रहेगा।


राजनीतिक रंग भी गहराया

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में सत्याग्रह का ऐलान किया है।

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि:

“यह प्रदर्शन सिर्फ एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय करने के लिए है। हम प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।”

उन्होंने बताया कि इस सत्याग्रह में कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन शामिल होंगे, जिनमें:

  • हरिपाल रावत
  • उमाकांत लखेड़ा
  • अनिल पंत
  • मनमोहन सिंह (आंदोलनकारी नेता)
  • देव सिंह

जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।


महिलाओं में बढ़ता आक्रोश

अंकिता भंडारी हत्याकांड केस को लेकर विशेष रूप से महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के कई हिस्सों में पहले भी इस मामले को लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं।

सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि इस केस में सभी दोषियों को सजा नहीं मिली, तो यह महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गलत संदेश देगा।


क्यों अहम है जंतर-मंतर प्रदर्शन?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है:

  • यह मुद्दा राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है
  • विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की संयुक्त भागीदारी
  • केंद्र सरकार पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति
  • महिलाओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक संदेश

अंकिता भंडारी हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की एक बड़ी लड़ाई बन चुका है। जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि जनता अब इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और जांच एजेंसियां इस बढ़ते दबाव के बीच क्या कदम उठाती हैं और क्या पीड़िता के परिवार को पूर्ण न्याय मिल पाता है या नहीं।

By Bhaskar

Bhaskaranand Founder, Editor & Content Strategist | Bugyal News भास्करानन्द एक पत्रकार, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार, जनसरोकार, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भास्करानन्द ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे बच्चों और युवाओं के लिए दो दर्जन से अधिक थिएटर कार्यशालाओं में थिएटर मेंटर के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रचनात्मक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े रहे हैं। Bugyal News के संस्थापक एवं संपादक के रूप में उनका उद्देश्य उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को तेज़, सटीक और जनहितकारी रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। उनकी लेखनी में जमीनी मुद्दों, विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े विषयों को विशेष स्थान मिलता है। Contact 📧 Email: anandbhaskar462@gmail.com 🌐 Website: bugyalnews.com

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