देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी। शनिवार को आयोजित IMA Passing Out Parade 2026 में कुल 515 अधिकारी कैडेट्स ने सफलतापूर्वक अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना और मित्र देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में कदम रखा। इस भव्य समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति एवं भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू रहीं, जिन्होंने परेड की सलामी लेकर नव-नियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
158वीं पासिंग आउट परेड कई मायनों में विशेष रही। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि पहली बार आईएमए में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 9 महिला कैडेट्स ने भी परेड में कदमताल की और सैन्य इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और बदलते सैन्य परिदृश्य का प्रतीक मानी जा रही है।
चैटवुड भवन परिसर में दिखा अनुशासन और शौर्य का अद्भुत संगम
सुबह से ही आईएमए परिसर देशभक्ति और सैन्य परंपराओं के रंग में रंगा नजर आया। प्रतिष्ठित चैटवुड भवन के सामने सजे भव्य परेड मैदान में अधिकारी कैडेट्स ने अनुशासन, समर्पण और सैन्य कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कंपनी सार्जेंट मेजरों के नेतृत्व में परेड की शुरुआत हुई और इसके बाद कैडेट्स ने शानदार मार्च पास्ट कर दर्शकों का मन मोह लिया।
परेड के दौरान भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराएं, सैन्य अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। हजारों की संख्या में मौजूद अभिभावकों, सैन्य अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने इस ऐतिहासिक क्षण को साक्षात देखा।
481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स हुए पास आउट
इस बार की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स प्रशिक्षण पूर्ण कर अधिकारी बने। इनमें 481 भारतीय अधिकारी कैडेट्स शामिल हैं, जबकि 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हुए।
आईएमए लंबे समय से केवल भारत ही नहीं बल्कि कई मित्र राष्ट्रों के सैन्य अधिकारियों को भी प्रशिक्षण देता रहा है। यही कारण है कि यह संस्थान वैश्विक स्तर पर सैन्य नेतृत्व तैयार करने वाले प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केंद्रों में गिना जाता है। विदेशी कैडेट्स की भागीदारी भारत और अन्य देशों के बीच रक्षा सहयोग को भी मजबूत करती है।
पहली बार महिला कैडेट्स की मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष की IMA Passing Out Parade 2026 का सबसे चर्चित और ऐतिहासिक पहलू 9 महिला कैडेट्स की भागीदारी रही। इन महिला कैडेट्स ने एक वर्ष के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया और पुरुष कैडेट्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परेड में हिस्सा लिया।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व का प्रतीक है। कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण के बाद इन महिला कैडेट्स ने यह साबित कर दिया कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों की युवतियों को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। परेड मैदान में उनकी सशक्त उपस्थिति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दी राष्ट्र सेवा की प्रेरणा
समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड का निरीक्षण किया और नव-नियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को देश की सुरक्षा, सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए समर्पित रहने का संदेश दिया।
राष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित भी किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करती, बल्कि आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
‘अंतिम पग’ के साथ शुरू हुआ नई जिम्मेदारियों का सफर
आईएमए की पासिंग आउट परेड का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण वह होता है जब कैडेट्स ‘अंतिम पग’ पार करते हैं। यह प्रतीकात्मक कदम उन्हें प्रशिक्षु से अधिकारी बनने की पहचान प्रदान करता है।
जैसे ही कैडेट्स ने अंतिम पग पार किया, उनके वर्षों के सपने साकार हो गए। परेड मैदान में मौजूद अभिभावकों की आंखों में गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई परिवारों के लिए यह पल जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा।
भारतीय सैन्य अकादमी की गौरवशाली विरासत
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी देश की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थाओं में से एक है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर हजारों अधिकारी भारतीय सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। कई पूर्व कैडेट्स ने युद्ध, शांति अभियानों और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है।
आईएमए की पहचान केवल एक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की पाठशाला के रूप में भी है। हर पासिंग आउट परेड इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर बनती है।
IMA Passing Out Parade 2026 केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र गौरव, अनुशासन और समर्पण का उत्सव है। 515 नए अधिकारियों का सेना में शामिल होना देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा। वहीं पहली बार 9 महिला कैडेट्स का परेड का हिस्सा बनना भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आयोजित यह समारोह आने वाले वर्षों तक प्रेरणा और गर्व का प्रतीक बना रहेगा।

