तिरुवनंतपुरम: केरल के नए CM के तौर पर वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण आज लेने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार आज औपचारिक रूप से सत्ता संभालने जा रही है। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और इसके साथ ही राज्य में लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस की शीर्ष सत्ता में वापसी होगी। उनके नेतृत्व में 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल भी शपथ लेगा, जिसे सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सोमवार सुबह आयोजित होने वाले वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
चुनावी जीत के बाद सरकार गठन में लगा समय
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। हालांकि, चुनावी जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर गठबंधन के भीतर कई दौर की चर्चा चली। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन के अलावा वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल के नाम भी शामिल थे।
करीब 10 दिनों तक चली राजनीतिक बातचीत के बाद कांग्रेस हाईकमान ने वीडी सतीशन शपथ ग्रहण का रास्ता साफ करते हुए उन्हें विधायक दल का नेता चुना। पार्टी ने 14 मई को औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की थी।
तीन दिन तक चली बैठकों के बाद तय हुई मंत्रिमंडल की सूची
नई सरकार के गठन से पहले मंत्रिमंडल को लेकर कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच लगातार बैठकों का दौर चला। शुक्रवार से शुरू हुई चर्चा रविवार शाम अंतिम सूची पर पहुंची। इसके बाद सतीशन ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को कैबिनेट की सूची सौंप दी।
वीडी सतीशन ने कहा कि मंत्रियों के चयन में केवल राजनीतिक समीकरण नहीं बल्कि सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और विभिन्न समुदायों की भागीदारी को भी प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस के पास पर्याप्त विधायक होने के बावजूद कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी।
उन्होंने कहा,
“कई अनुभवी और योग्य नेता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, लेकिन पार्टी को सरकार गठन में कई स्तरों पर संतुलन बनाना होता है।”
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहे रमेश चेन्निथला को भी मिला मंत्रिमंडल में स्थान
मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल रहे रमेश चेन्निथला को नई सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुरलीधरन और सनी जोसेफ को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह फैसला पार्टी के भीतर अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
IUML को भी मिला मजबूत प्रतिनिधित्व, पांच विधायक बनेंगे मंत्री
नई सरकार में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को महत्वपूर्ण हिस्सेदारी दी गई है। गठबंधन में 22 विधायकों वाली IUML के पांच नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा।
इनमें शामिल हैं:
- पीके कुन्हालीकुट्टी
- एन शम्सुद्दीन
- केएम शाजी
- पीके बशीर
- वीई अब्दुल गफूर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुस्लिम लीग को मजबूत प्रतिनिधित्व देकर कांग्रेस ने गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया है।
नई सरकार में कौन-कौन होगा शामिल?
वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली संभावित कैबिनेट में शामिल प्रमुख नाम:
- वीडी सतीशन (मुख्यमंत्री)
- रमेश चेन्निथला
- के मुरलीधरन
- सनी जोसेफ
- पीके कुन्हालीकुट्टी
- मॉन्स जोसेफ
- शिबू बेबी जॉन
- अनूप जैकब
- एपी अनिल कुमार
- पीसी विष्णुनाथ
- रोजी एम जॉन
- बिंदु कृष्ण
- एम लिजू
- केएम शाजी
- पीके बशीर
- वीई अब्दुल गफूर
- टी सिद्दीकी
- केए तुलसी
- ओ जे जनीश समेत अन्य नेता
इसके अलावा थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाए जाने की घोषणा की गई है।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे कई बड़े नेता
वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण सोमवार सुबह 10 बजे होने वाले समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के शामिल होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस शासित राज्यों कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय को भी आमंत्रण भेजे जाने की चर्चा है, हालांकि उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।
केरल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह के बाद नई सरकार केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद अब चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की होगी।
राज्य में कांग्रेस की वापसी को राष्ट्रीय राजनीति के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दक्षिण भारत में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की दिशा में बड़ा संकेत हो सकता है।

