उत्तराखंड मौसम समाचार: राज्य की वादियों में एक बार फिर सर्दी अपना असर दिखाने को तैयार है। लंबे समय से शुष्क बने मौसम के बाद अब पहाड़ों में बर्फबारी और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 9 फरवरी से प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो उत्तराखंड के पहाड़ी जिले एक बार फिर सफेद चादर में लिपटे नजर आ सकते हैं।
राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दिन के समय तेज धूप और सुबह-शाम अचानक बढ़ने वाली ठंड के चलते सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है।
मौसम का दोहरा असर, लोग हो रहे बीमार
उत्तराखंड में इस समय मौसम का दोहरा स्वरूप देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप जहां लोगों को गर्मी का एहसास करा रही है, वहीं सुबह और शाम ठंडक बढ़ जाने से शरीर को मौसम के अनुसार ढलने में परेशानी हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार, यही कारण है कि वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीज लगातार अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड मौसम समाचार: 9 फरवरी से बदलेगा मौसम का रुख
इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में प्रदेशवासियों को मौसम के इस असंतुलन से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन 9 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
इस दौरान उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और कुछ जिलों में बारिश की संभावना है।
इस सीजन में कम रही है बर्फबारी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस शीतकालीन सीजन में उत्तराखंड में अपेक्षाकृत कम बर्फबारी हुई है। बीती 23 जनवरी को प्रदेश में बर्फबारी का एक अच्छा दौर देखने को मिला था, जब कई जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में अच्छी खासी बर्फ गिरी थी।
हालांकि, इसके बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में केवल छिटपुट बारिश और बर्फबारी ही दर्ज की गई। ऐसे में अब फरवरी के दूसरे सप्ताह में संभावित बर्फबारी को मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन जिलों में दिखेगा असर
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार,
“फरवरी के पहले सप्ताह में उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। लेकिन अगले दो से तीन दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके बाद 9 फरवरी से 11 फरवरी के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना है।”
इन जिलों में बर्फबारी होने से जहां एक ओर ठंड में इजाफा होगा, वहीं पर्यटन गतिविधियों को भी कुछ हद तक बढ़ावा मिल सकता है।
मैदानी जिलों में कोहरे की चेतावनी
पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी जिलों में भी मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।
कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी से यात्रा करने और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
किसानों के लिए राहत बन सकती है बारिश
अगर फरवरी के दूसरे सप्ताह में बारिश और बर्फबारी होती है, तो यह रबी फसलों और फलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय से शुष्क मौसम के कारण मिट्टी में नमी की कमी देखी जा रही है।
हल्की बारिश से गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को लाभ मिलेगा, वहीं सेब, आड़ू और अन्य पर्वतीय फलों की फसल के लिए भी यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है।
पर्यटन और जनजीवन पर असर
बर्फबारी की संभावना से पर्यटन कारोबारियों को भी उम्मीद जगी है। औली, बदरीनाथ, केदारनाथ और अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर बर्फ गिरने से सैलानियों की संख्या बढ़ सकती है।
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरे के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड मौसम समाचार में फरवरी के दूसरे सप्ताह से मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और कुछ जिलों में हल्की बारिश जहां ठंड बढ़ाएगी, वहीं इससे कृषि, जल स्रोतों और पर्यटन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। अब सबकी निगाहें 9 फरवरी पर टिकी हैं, जब पहाड़ों में एक बार फिर बर्फ की सफेदी लौट सकती है।
