पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर पुनर्मतदानPhoto: DD News

कोलकाता: भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर पुनर्मतदान का बड़ा फैसला लिया है। आयोग को दूसरे चरण के मतदान में लगातार शिकायते मिल रही थी। आयोग ने राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों—मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र—के कुल 15 मतदान केंद्रों पर 2 मई को पुनर्मतदान (Re-polling) कराने का आदेश जारी किया है।

आयोग के अनुसार, संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से प्राप्त रिपोर्टों में मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। पुनर्मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा।


किन बूथों पर होगा पुनर्मतदान?

🏫 मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र (11 बूथ)

पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर पुनर्मतदान में मगराहाट पश्चिम में कुल 11 बूथों पर दोबारा मतदान होगा। इनमें प्रमुख बूथ इस प्रकार हैं:

  • उत्तर येअरपुर एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 2)
  • नजरा एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 1 और 2)
  • देउला एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 1)
  • घोला नयापारा गर्ल्स हाई मदरसा (कमरा नं. 2)
  • एकतारा मालय एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 1 और 2)
  • एकतारा मालय धोड़ा एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 1)
  • बाहिरपुर कुरकुरिया एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 1, 2 और 3)

इन बूथों पर मतदान के दौरान गड़बड़ी और शिकायतों के चलते आयोग ने पुनर्मतदान का निर्णय लिया।


🏫 डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र (4 बूथ)

डायमंड हार्बर में कुल 4 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा:

  • बागदा जूनियर हाई स्कूल
  • चंदा एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 2)
  • हैंडेयपुर एफ.पी. स्कूल
  • रायनगर एफ.पी. स्कूल (कमरा नं. 2)

इन क्षेत्रों में भी मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठे थे, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया।


⚠️ क्यों लेना पड़ा पुनर्मतदान का फैसला?

सूत्रों के अनुसार, 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान कुछ बूथों पर ईवीएम से जुड़ी शिकायतें, मतदान में बाधा और कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट सामने आई थी।

भारत निर्वाचन आयोग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट मंगाई और उसके आधार पर पुनर्मतदान का निर्णय लिया।

यह कदम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।


📢 प्रचार के लिए डुगडुगी, उम्मीदवारों को लिखित सूचना

आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:

  • मतदान क्षेत्रों में डुगडुगी बजाकर व्यापक प्रचार किया जाए
  • सभी संबंधित उम्मीदवारों को लिखित सूचना देकर पुनर्मतदान की जानकारी दी जाए
  • रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को तुरंत निर्देशों का पालन करने को कहा गया है

इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी मतदाता पुनर्मतदान से अनजान न रहे।


🗓️ चुनाव का पूरा शेड्यूल

  • पहला चरण मतदान: 23 अप्रैल
  • दूसरा चरण मतदान: 29 अप्रैल
  • पुनर्मतदान: 2 मई
  • मतगणना: 4 मई

राज्य में अब तक के चुनावों में 92% से अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जो लोकतंत्र के प्रति जनता की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।


क्या है इसका राजनीतिक असर?

पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में पुनर्मतदान का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। इससे:

  • चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत होगी
  • राजनीतिक दलों के बीच पारदर्शिता को लेकर संदेश जाएगा
  • मतदाताओं का भरोसा बना रहेगा

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन सीटों पर पुनर्मतदान हो रहा है, वहां के नतीजों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।


पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर पुनर्मतदान का फैसला यह दर्शाता है कि भारत निर्वाचन आयोग चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करता।

मतदाताओं को एक बार फिर मौका दिया जा रहा है कि वे निष्पक्ष और स्वतंत्र वातावरण में अपने मताधिकार का प्रयोग करें। अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगी।

By Bhaskar

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