हैदराबाद/ PM Modi Appeal: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के उद्देश्य से देशवासियों से कई महत्वपूर्ण अपीलें की हैं। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, सप्लाई चेन की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने, गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज देश को सिर्फ सरकार के प्रयासों की नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोग की आवश्यकता है।
‘देशभक्ति का मतलब सिर्फ जान देना नहीं’
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि देशभक्ति का अर्थ केवल सीमा पर जाकर बलिदान देना नहीं होता, बल्कि कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी से जीवन जीना और देशहित में छोटे-छोटे योगदान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यदि देश का हर नागरिक अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़े बदलाव लाए, तो इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा। पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वे ऊर्जा बचत और आर्थिक अनुशासन को राष्ट्रहित से जोड़कर देखें।
पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे में यदि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, बस तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को प्राथमिकता दें, तो इससे देश को बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है।
उन्होंने कार-पूलिंग को भी बढ़ावा देने की बात कही और कहा कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव ला सकती हैं। पीएम मोदी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने और रेलवे ट्रांसपोर्ट को अधिक अपनाने पर भी जोर दिया।
कोविड काल के उपाय फिर अपनाने की सलाह
पीएम मोदी ने कोरोनाकाल के दौरान अपनाए गए कई उपायों को दोबारा लागू करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा दिया जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड के समय देश ने डिजिटल कार्यशैली को सफलतापूर्वक अपनाया था और अब वही व्यवस्था ऊर्जा बचत और आर्थिक मजबूती में मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने कंपनियों और संस्थानों से भी इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।
विदेशी यात्राओं और सोना खरीद पर भी की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने गैर-जरूरी विदेश यात्राओं, विदेशी छुट्टियों और विदेशों में होने वाली भव्य शादियों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय नागरिक घरेलू पर्यटन और भारत में ही आयोजन को प्राथमिकता देंगे, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा पीएम मोदी ने एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भारत में सोने का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। यदि लोग संयम बरतें तो इससे फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर दबाव कम किया जा सकता है।
‘मेड इन इंडिया’ और लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से रोजमर्रा की जिंदगी में ‘मेड इन India’ और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जूते, बैग, कपड़े और अन्य उपयोगी वस्तुओं में स्वदेशी विकल्प अपनाने से देश के छोटे उद्योगों और स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान तभी सफल होगा जब आम नागरिक भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल में 50 प्रतिशत तक कमी लाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की सेहत बेहतर होगी और देश की आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
प्रधानमंत्री ने खेती में डीजल पंप की जगह सोलर पावर से चलने वाले सिंचाई पंपों को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की लागत घटेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
आर्थिक चुनौतियों के बीच सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
PM Modi Appeal कि दुनिया इस समय आर्थिक अस्थिरता, युद्ध जैसे हालात और सप्लाई चेन बाधाओं से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि हर भारतीय जिम्मेदारी के साथ संसाधनों का उपयोग करे और देशहित में छोटे-छोटे कदम उठाए, तो भारत वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकता है। पीएम मोदी की यह अपील ऐसे समय आई है जब वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतों और आयात लागत को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है।

