"ऑपरेशन प्रहार" उत्तराखंड पुलिस

देहरादून/ “ऑपरेशन प्रहार” उत्तराखंड पुलिस: उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और अपराधियों पर निर्णायक प्रहार करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार ने बड़े स्तर पर परिणाम देने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश भर में एक महीने से जारी इस अभियान के तहत पुलिस ने 1400 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हजारों संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाया गया है।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के साथ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि ऑपरेशन प्रहार उत्तराखंड पुलिस आगे भी और अधिक प्रभावी तथा कठोर रूप में जारी रहेगा।

अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट में भी एक्शन

“ऑपरेशन प्रहार” उत्तराखंड पुलिस ने अभियान के दौरान पुलिस ने प्रदेशभर में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस विशेष अभियान के तहत 1400 से अधिक वांछित, फरार, इनामी और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

संगठित अपराध को नियंत्रित करने के लिए गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 40 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई, जबकि 130 से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का मानना है कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई से भविष्य में अपराध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

"ऑपरेशन प्रहार" उत्तराखंड पुलिस

अवैध हथियारों की सप्लाई चेन पर पुलिस का शिकंजा

अवैध हथियारों का इस्तेमाल कई आपराधिक घटनाओं में देखा जाता रहा है। इसी को देखते हुए पुलिस ने राज्यभर में अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान 66 अवैध हथियार बरामद किए गए और संबंधित आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि हथियारों की सप्लाई चेन और नेटवर्क को भी खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

“ऑपरेशन प्रहार” उत्तराखंड पुलिस के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई उन संदिग्धों के खिलाफ हुई, जिनके तार कथित तौर पर आतंकी संगठनों से जुड़े पाए गए।

ऊधमसिंहनगर पुलिस ने हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। जांच के दौरान इनके संबंध आतंकी संगठन अल बदर से जुड़े मामले से सामने आए।

इसी क्रम में एसटीएफ ने विक्रांत कश्यप को देहरादून से अवैध पिस्टल और कारतूसों सहित गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में आरोपी के तार कथित रूप से पाकिस्तानी आतंकी संगठन अल बरक ब्रिगेड से जुड़े होने की बात सामने आई।

इन गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।

"ऑपरेशन प्रहार" उत्तराखंड पुलिस

बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई

राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों और पहचान पत्रों के आधार पर रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और राज्य में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

असामाजिक तत्वों पर भी चला पुलिस का डंडा

सार्वजनिक स्थानों पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4000 से अधिक असामाजिक और शांति भंग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की।

पुलिस का कहना है कि बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

"ऑपरेशन प्रहार" उत्तराखंड पुलिस

सड़क सुरक्षा अभियान में 15 हजार से ज्यादा वाहनों के चालान

राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया।

इस दौरान रैश ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाने, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग जैसे मामलों में 15,000 से अधिक वाहनों के चालान किए गए।

साथ ही 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,000 से ज्यादा वाहन सीज किए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

होटल, पब और ढाबों की सघन जांच

राज्यभर में होटल, बार, पब, क्लब, स्पा सेंटर और ढाबों की भी व्यापक जांच की गई। पुलिस ने 18,000 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वाले 1200 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

इस कदम का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना बताया गया।

"ऑपरेशन प्रहार" उत्तराखंड पुलिस

40 हजार से ज्यादा लोगों का सत्यापन

राज्य में बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों के सत्यापन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने किराये के मकान, मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट, पीजी, होम-स्टे, होटल और धर्मशालाओं में रहने वाले 40,000 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन किया।

जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की गई।

चारधाम यात्रा में साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचाने के लिए पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया।

अभियान के तहत 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक किए गए, जबकि 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए गए

जांच में सामने आया कि ये लोग यात्रा रजिस्ट्रेशन, हेलीकॉप्टर टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने की कोशिश कर रहे थे।

इसके अलावा पुलिस ने 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

डीजीपी दीपम सेठ ने दिए सख्त संकेत

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों की धरपकड़, व्यापक सत्यापन अभियान, सघन जांच और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई भविष्य में और अधिक तेजी से जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” उत्तराखंड पुलिस केवल एक अभियान नहीं बल्कि अपराध मुक्त और सुरक्षित उत्तराखंड की दिशा में एक सतत प्रयास है।

By Bhaskar

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