नई दिल्ली/ दिल्ली पुलिस IPS तबादले: देश की राजधानी की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दिल्ली पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (Special CP) स्तर के अधिकारियों के विभागों में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।
इस फेरबदल को आगामी चुनौतियों, ट्रैफिक प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस में हुए इन तबादलों को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
नीरज ठाकुर बने लॉ एंड ऑर्डर ज़ोन-2 के स्पेशल CP
दिल्ली पुलिस IPS तबादले के जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नीरज ठाकुर को स्पेशल सीपी ट्रैफिक डिवीजन के पद से हटाकर अब स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर ज़ोन-2 नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि राजधानी में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और कानून-व्यवस्था को लेकर उनके अनुभव का लाभ उठाया जाएगा।
वहीं आईपीएस अधिकारी देवेश चंद्र श्रीवास्तव को स्पेशल सीपी क्राइम डिवीजन से हटाकर स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर ज़ोन-1 की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास परसेप्शन मैनेजमेंट और मीडिया सेल का अतिरिक्त प्रभार भी था। अब उन्हें राजधानी के संवेदनशील क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था संभालने की अहम जिम्मेदारी मिली है।
डेविड लालरिनसांगा को मौजूदा पद पर रखा गया बरकरार
दिल्ली पुलिस प्रशासन ने आईपीएस अधिकारी डेविड लालरिनसांगा को उनके मौजूदा पद पर ही बनाए रखा है। वह स्पेशल सीपी ऑपरेशंस, पीसीआर एवं कम्युनिकेशन के पद पर कार्यरत रहेंगे। इसके साथ ही उनके पास SPUNER का अतिरिक्त प्रभार भी जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार ऑपरेशनल गतिविधियों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए उनके अनुभव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
मनीष कुमार अग्रवाल को मिली ट्रैफिक डिवीजन की जिम्मेदारी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मनीष कुमार अग्रवाल को स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस डिवीजन से हटाकर स्पेशल सीपी ट्रैफिक डिवीजन नियुक्त किया गया है। उनके पास पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेफ्टी डिवीजन का अतिरिक्त प्रभार भी था।
राजधानी दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, वीवीआईपी मूवमेंट और सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा को देखते हुए यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में ट्रैफिक प्रबंधन को और बेहतर बनाया जाएगा।
अजय चौधरी और अतुल कटियार को नई जिम्मेदारी
आईपीएस अधिकारी अजय चौधरी को स्पेशल सीपी विजिलेंस डिवीजन से हटाकर अब स्पेशल सीपी प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन नियुक्त किया गया है। उनके पास पहले SPUWAC का अतिरिक्त प्रभार था। राजधानी में वीवीआईपी सुरक्षा और संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था अब उनकी निगरानी में रहेगी।
वहीं आईपीएस अधिकारी अतुल कटियार को स्पेशल सीपी वेलफेयर डिवीजन से हटाकर स्पेशल सीपी विजिलेंस डिवीजन की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास पहले लाइसेंसिंग एवं लीगल डिवीजन का अतिरिक्त प्रभार था।
HGS धालीवाल को मिला क्राइम डिवीजन का प्रभार
आईपीएस अधिकारी HGS धालीवाल को स्पेशल सीपी क्राइम डिवीजन का प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें परसेप्शन मैनेजमेंट एवं मीडिया सेल और लीगल डिवीजन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
दिल्ली पुलिस में क्राइम कंट्रोल और मीडिया समन्वय के लिहाज से यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजधानी में साइबर अपराध, संगठित अपराध और गैंगवार जैसी चुनौतियों को देखते हुए क्राइम डिवीजन की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
विजय कुमार और के. जेगदीसन की जिम्मेदारियों में बदलाव
आईपीएस अधिकारी विजय कुमार को स्पेशल सीपी आर्म्ड पुलिस के साथ-साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेफ्टी डिवीजन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। दिल्ली मेट्रो, बस सेवा और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वहीं आईपीएस अधिकारी के. जेगदीसन को स्पेशल सीपी प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन से हटाकर स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस डिवीजन नियुक्त किया गया है। उनके पास DPHCL के एमडी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
मार्च में भी हुए थे बड़े स्तर पर तबादले
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में भी दिल्ली पुलिस में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया था। उस दौरान करीब 70 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद मोहन को तिहाड़ जेल का डीजी नियुक्त किया गया था, जबकि 1991 बैच के अधिकारी वीरेंद्र सिंह को होम गार्ड्स का डीजी बनाया गया था। इसके अलावा 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र सिंह को सिविल डिफेंस का डीजी नियुक्त किया गया था।
इसी क्रम में 2002 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार जैन को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) बनाया गया था।
राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली पुलिस IPS तबादले केवल नियमित तबादला प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
आने वाले समय में दिल्ली में कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, वीवीआईपी सुरक्षा और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करना दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता होगी।
दिल्ली पुलिस में हुए इन IPS तबादलों को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

