नई दिल्ली/ Rain Alert in Delhi NCR: भीषण गर्मी और उमस से परेशान दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आखिरकार राहत मिलनी शुरू हो गई है। शुक्रवार रात राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में हुई हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि राहत का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में मौसम लगातार बदला हुआ रहेगा। वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून भी धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है और इसके 20 से 22 जून के बीच उत्तर प्रदेश पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में अगले पांच दिन राहत और चुनौती दोनों
Rain Alert in Delhi NCR के तहत मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में 13 से 17 जून तक बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आंधी आने की भी आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ था, लेकिन बारिश के कारण इसमें गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि ट्रैफिक और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर के शहरी क्षेत्रों में अचानक होने वाली तेज बारिश के चलते सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय रहेगा बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 17 जून के बीच आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी शुरू हो चुकी है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भी मौसम रहेगा खराब
पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में 13 से 15 जून तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
विशेषज्ञों ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 17 जून तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 14 से 16 जून के बीच कई इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट
राजस्थान के मौसम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की है।
13 जून को कई क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है।
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी बदलेगा मौसम
मध्य भारत के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 से 17 जून तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश एवं विदर्भ क्षेत्र में 13 से 17 जून तक बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने 13 से 15 जून के बीच कई इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विदर्भ क्षेत्र में 14 और 15 जून को तेज हवाओं के साथ मौसम के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। यहां भी बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब तक देश के 16 से अधिक राज्यों को कवर कर चुका है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।
बिहार में मानसून का प्रवेश हो चुका है, जबकि झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की ओर भी इसका विस्तार जारी है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून 20 से 22 जून के बीच उत्तर प्रदेश पहुंच सकता है।
अल नीनो की सक्रियता भी बढ़ा सकती है चुनौती
हालांकि मानसून की प्रगति अच्छी मानी जा रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिक अल नीनो की सक्रियता पर भी नजर बनाए हुए हैं। अल नीनो की स्थिति कई बार मानसून के वितरण और वर्षा के पैटर्न को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां सामान्य बनी हुई हैं, लेकिन आने वाले सप्ताहों में वैश्विक मौसमीय परिस्थितियों का असर भी देखने को मिल सकता है।
लोगों के लिए क्या है सलाह?
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने, बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। किसानों, यात्रियों और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
Rain Alert in Delhi NCR केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर भारत में मौसम के बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। अगले पांच दिनों तक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं मानसून की उत्तर भारत की ओर बढ़ती रफ्तार आने वाले दिनों में मौसम को और अधिक सक्रिय बना सकती है।

