Monsoon Update IndiaMonsoon Update India

नई दिल्ली/ Monsoon Update India: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में लू का प्रभाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जून के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की गतिविधियां चरम पर रह सकती हैं। कई क्षेत्रों में गरज के साथ बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके चलते प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर, उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं की भी संभावना है।

विशेष रूप से 11 और 12 जून को मौसम की गतिविधियां अधिक प्रभावी रह सकती हैं। इससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ इलाकों में मौसम की खराब परिस्थितियां जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का खतरा

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में अगले पांच से सात दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी मेहरबान होगा मानसून

दक्षिण भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। तटीय कर्नाटक और दक्षिण कोंकण क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि कर्नाटक, गोवा और केरल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

कहां तक पहुंचा मानसून?

देशभर की निगाहें मानसून की प्रगति पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही तमिलनाडु का शेष भाग भी मानसून के दायरे में आ सकता है।

वहीं छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी मानसून दस्तक देने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है।

मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भी अलर्ट जोन में शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन को आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत रखने और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

पिछले 24 घंटे में कई राज्यों में हुई भारी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की गतिविधियां देखने को मिलीं। पश्चिम बंगाल, हिमालयी क्षेत्रों और तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। वहीं अंडमान-निकोबार, असम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, केरल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश हुई।

हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी दर्ज किया गया।

यूपी, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में जारी रहेगा लू का असर

हालांकि देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में लू का प्रभाव अभी जारी रह सकता है।

राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन इसके बाद फिर से तापमान बढ़ सकता है।

तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 13 जून के बीच तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं मध्य और पूर्वी भारत में भी अगले कुछ दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक कम होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश और बादलों की गतिविधियों के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन आंधी, बिजली और भारी बारिश जैसी परिस्थितियां नई चुनौतियां भी खड़ी कर सकती हैं।

कुल मिलाकर Monsoon Update India में आगामी सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। जहां एक ओर मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की आवश्यकता है।

By Bhaskar

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