काठमांडू: नेपाल में एक ऐतिहासिक बदलाव प्रधानमंत्री बालेन शाह बने। 35 वर्षीय शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वह नेपाल के सबसे कम उम्र के निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के संसदीय दल के नेता बालेन शाह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
चुनाव में प्रचंड जीत, RSP ने बदली सत्ता की तस्वीर
नेपाल में हाल ही में हुए आम चुनाव, जो Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के बाद कराए गए थे, में बालेन शाह की पार्टी RSP ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।
275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में पार्टी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यह जीत न केवल राजनीतिक बदलाव का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नेपाल की जनता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नए और युवा नेतृत्व को अवसर देना चाहती है।
मधेश से पहला पीएम, सामाजिक प्रतिनिधित्व को मिला नया आयाम
प्रधानमंत्री बालेन शाह का बनना कई मायनों में ऐतिहासिक है। वह मधेश क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं, जिससे नेपाल की सामाजिक और क्षेत्रीय राजनीति में संतुलन का नया संकेत मिला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव नेपाल में समावेशी राजनीति को मजबूती देगा और लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों को नई पहचान दिलाएगा।
रैपर से नेता तक का सफर, युवाओं के लिए प्रेरणा
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन उनकी असली पहचान एक रैपर के रूप में बनी।
उन्होंने अपने गीतों के जरिए सामाजिक मुद्दों को उठाया और युवाओं के बीच खास लोकप्रियता हासिल की।
राजनीति में उनका प्रवेश 2022 में हुआ, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। यही जीत उनके राजनीतिक करियर की नींव बनी।
केपी शर्मा ओली को हराकर दर्ज की बड़ी जीत
प्रधानमंत्री बनने की राह में बालेन शाह ने एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराया।
यह जीत न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि यह दर्शाती है कि जनता ने अनुभव के बजाय नए विचार और ऊर्जा को प्राथमिकता दी है।
भारत से रिश्तों पर फोकस, पीएम मोदी ने दी बधाई
भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह आपसी सहयोग और विकास के लिए बालेन शाह के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
नेपाल की राजनीति में नई दिशा का संकेत
नए नेपाल का प्रधानमंत्री बालेन शाह की यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि नेपाल की राजनीति में बदलाव का प्रतीक है।
युवा नेतृत्व, तकनीकी समझ और सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ बालेन शाह से देश को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
क्या युवा नेतृत्व बदलेगा नेपाल का भविष्य?
नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह का उदय यह संकेत देता है कि देश अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पारंपरिक राजनीति से हटकर नए चेहरों और विचारों को स्वीकार करने की यह शुरुआत आने वाले समय में नेपाल के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को बदल सकती है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बालेन शाह अपने नेतृत्व में नेपाल को किस दिशा में ले जाते हैं और क्या वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतर पाते हैं।

