‘KD the Devil’

नई दिल्ली/अलीगढ़: फिल्म ‘KD the Devil’ के एक गाने को लेकर देशभर में विवाद तेज हो गया है। इस गाने में बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त नजर आए हैं। गाने के कथित आपत्तिजनक बोल और दृश्य सामने आने के बाद न सिर्फ सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हुआ, बल्कि अब इस मामले में धार्मिक संस्थाएं भी खुलकर सामने आ गई हैं।

इसी कड़ी में अलीगढ़ स्थित मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के प्रमुख मुफ़्ती मौलाना चौधरी इफ़्राहिम हुसैन ने इस गाने को लेकर फतवा जारी किया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।


गाने के बोल और दृश्य बने विवाद की वजह

बताया जा रहा है कि ‘KD the Devil’ फिल्म का यह गाना हाल ही में यूट्यूब पर रिलीज किया गया था। रिलीज के कुछ ही समय बाद इसके बोल और डांस सीक्वेंस को लेकर लोगों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी।

आरोप है कि गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द और दृश्य अश्लीलता की सीमा पार करते हैं, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचती है।

विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए गाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया। इसके साथ ही यह गाना यूट्यूब से भी हटा दिया गया है।


मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने जारी किया फतवा

इस पूरे मामले में मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के प्रमुख मुफ़्ती मौलाना चौधरी इफ़्राहिम हुसैन का बयान सामने आया है।

उन्होंने कहा कि फिल्म ‘KD the Devil’ के इस गाने में दिखाए गए दृश्य और प्रस्तुतिकरण इस्लामी शिक्षाओं के विरुद्ध हैं। उनके अनुसार, इस प्रकार के गाने और नृत्य इस्लाम में निषिद्ध माने जाते हैं और इन्हें बड़ा गुनाह बताया गया है।

मुफ़्ती हुसैन ने यह भी कहा कि इस तरह की सामग्री समाज, विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के नैतिक मूल्यों पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसलिए मुस्लिम समुदाय को इससे दूर रहने की सलाह दी गई है।


कलाकारों के आचरण पर भी उठे सवाल

फतवे में यह भी कहा गया कि जो कलाकार इस तरह की सामग्री में भाग लेते हैं, उनका यह आचरण इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ माना जाएगा।

हालांकि, इस बयान के बाद यह बहस भी तेज हो गई है कि कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा क्या होनी चाहिए और क्या इस तरह के धार्मिक निर्देश कलाकारों पर लागू होने चाहिए।


नोरा फतेही और गीतकार ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बीच अभिनेत्री नोरा फतेही ने खुद को इस पूरे मामले से अलग बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस गाने का कन्नड़ वर्जन करीब तीन साल पहले रिकॉर्ड किया था।

नोरा के मुताबिक, जब उन्होंने हिंदी संस्करण सुना तो उन्होंने इसके बोलों पर आपत्ति जताई थी और निर्माताओं को इसकी जानकारी दी थी।

वहीं, गीतकार आलम ने भी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने केवल कन्नड़ गीत का हिंदी में अनुवाद किया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने निर्माताओं को पहले ही चेतावनी दी थी कि हिंदी बोल आपत्तिजनक लग सकते हैं।


निर्देशक और फिल्म से जुड़ी जानकारी

यह गाना आगामी कन्नड़ फिल्म ‘KD the Devil’ का हिस्सा है, जिसका निर्देशन प्रेम ने किया है और इसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं।

फिल्म 30 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। हालांकि, इस विवाद के बाद फिल्म की रिलीज और प्रमोशन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।


सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त बहस छिड़ गई है। एक तरफ जहां कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग इसे अश्लील और समाज विरोधी करार दे रहे हैं।

कई यूजर्स ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह की सामग्री पर रोक लगाना जरूरी है, जबकि कुछ ने इसे सेंसरशिप करार दिया है।


अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक जिम्मेदारी

यह विवाद एक बार फिर उस पुराने सवाल को सामने लाता है कि कला और मनोरंजन की दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा क्या होनी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहां एक ओर कलाकारों को रचनात्मक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर उन्हें समाज की संवेदनाओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।


‘KD the Devil’ के गाने को लेकर उठे विवाद ने न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि समाज और धार्मिक संगठनों के बीच भी एक नई बहस को जन्म दिया है।

फिलहाल गाने पर रोक और यूट्यूब से हटाए जाने के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन फतवे और प्रतिक्रियाओं के चलते यह मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म के निर्माता इस विवाद को किस तरह संभालते हैं और क्या इसका असर फिल्म की रिलीज पर पड़ता है या नहीं।

By Bhaskar

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