वॉशिंगटन: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन मामले में कार्रवाई करते हुए बांग्लादेशी नागरिक ज़ोबैदुल अमीन को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर दुनिया भर के सैकड़ों नाबालिगों को सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर उनका यौन शोषण करने का गंभीर आरोप है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार 28 वर्षीय आरोपी को मलेशिया से गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा। यह मामला अमेरिका में सामने आए अब तक के सबसे बड़े ऑनलाइन बाल यौन शोषण मामलों में से एक माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने कई वर्षों तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नाबालिगों को निशाना बनाकर उनका शोषण किया और उन्हें ब्लैकमेल कर आपत्तिजनक सामग्री हासिल की।
सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों को बनाता था निशाना
FBI के मुताबिक ज़ोबैदुल अमीन इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। वह पहले किशोरों और नाबालिगों से दोस्ती करता था और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लेता था।
इसके बाद आरोपी उनसे निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो साझा करने के लिए दबाव बनाता था। जब पीड़ित उसकी बात मान लेते थे, तो वह उसी सामग्री के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने लगता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने इस तरीके से दुनिया के कई देशों के सैकड़ों बच्चों को अपना शिकार बनाया। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित और लंबे समय तक चलने वाला साइबर अपराध था।
ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन का बड़ा मामला
FBI के अनुसार यह मामला ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन से जुड़ा हुआ है। सेक्सटॉर्शन वह अपराध होता है जिसमें अपराधी इंटरनेट या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति से आपत्तिजनक सामग्री हासिल करता है और फिर उसी सामग्री के जरिए उसे धमकाकर या ब्लैकमेल कर और सामग्री मांगता है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी इस तरह के अपराध को अंजाम देने के लिए अत्यधिक योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। वह पीड़ितों की पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल करता था और कई बार अलग-अलग देशों से इंटरनेट का उपयोग करता था।
इस कारण से इस अपराध का पता लगाने में काफी समय लगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई एजेंसियों को मिलकर काम करना पड़ा।
मलेशिया में रहकर कर रहा था पढ़ाई
FBI जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले कुछ वर्षों से मलेशिया में रह रहा था और वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था।
साल 2022 में मलेशिया में उसके खिलाफ चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े 13 मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों और मलेशियाई पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की।
लंबे समय तक चली जांच और तकनीकी निगरानी के बाद आखिरकार 4 मार्च 2026 को आरोपी को मलेशिया से हिरासत में लिया गया और बाद में उसे अमेरिका लाया गया।
यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए की गई बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
अमेरिकी अदालत में पेश होगा आरोपी
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार ज़ोबैदुल अमीन को अलास्का के एंकरेज शहर की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।
उसके खिलाफ पहले ही साल 2022 में अमेरिका में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान उसके खिलाफ कई गंभीर सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में डिजिटल सबूत, ऑनलाइन चैट रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कई गंभीर आरोप लगाए गए
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार आरोपी के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- चाइल्ड पोर्नोग्राफी बनाने और फैलाने की साजिश
- साइबर स्टॉकिंग
- पहचान की चोरी
- वायर फ्रॉड
- नाबालिगों का ऑनलाइन यौन शोषण
अगर अदालत में आरोपी दोषी साबित होता है तो उसे कम से कम 20 साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने कहा कि यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि बच्चों के साथ अपराध करने वाले लोग दुनिया में कहीं भी छिपे हों, वे कानून से बच नहीं सकते।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसियां बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इस तरह के अपराधों का खतरा भी बढ़ा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बेहद जरूरी हो गया है।
FBI के साथ कई एजेंसियां मिलकर कर रही जांच
इस पूरे मामले की जांच अमेरिका के न्याय विभाग और एफबीआई की चाइल्ड एक्सप्लॉइटेशन टास्क फोर्स कर रही है।
इसके अलावा इस ऑपरेशन में अमेरिका और मलेशिया की कई कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की पहचान करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जांच अभी भी जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला साइबर अपराध और ऑनलाइन बाल शोषण के खिलाफ वैश्विक स्तर पर चल रही कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता
हाल के वर्षों में इंटरनेट और सोशल मीडिया के विस्तार के साथ ऑनलाइन यौन शोषण और साइबर अपराधों के मामले तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर किशोर और बच्चे ऐसे अपराधियों के आसान निशाने बन जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा और सख्त कानूनों की आवश्यकता है।
FBI की इस कार्रवाई को इसी दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

