हरिद्वार बैंक फ्रॉड मामलाहरिद्वार बैंक फ्रॉड मामला

हरिद्वार बैंक फ्रॉड मामला: धर्मनगरी हरिद्वार से सामने आए एक सनसनीखेज बैंकिंग धोखाधड़ी मामले ने न सिर्फ बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि खाताधारकों की गोपनीयता और विश्वास पर भी गहरी चोट पहुंचाई है। ज्वालापुर रोड स्थित एक प्रतिष्ठित बैंक शाखा में एक व्यापारी के करंट अकाउंट से उनकी जानकारी और सहमति के बिना 12 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन किए जाने का मामला उजागर हुआ है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित व्यापारी इस खाते को महीनों पहले ही बंद कराने के लिए आवेदन दे चुका था।

कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


क्या है पूरा मामला? बंद खाते ने उगली करोड़ों की रकम

यह मामला मोती बाजार निवासी और ‘आरके टॉयज’ के मालिक अवनीत अरोड़ा से जुड़ा है। अवनीत अरोड़ा के अनुसार, ज्वालापुर रोड स्थित एक बैंक शाखा में उनका करंट अकाउंट संचालित था। अप्रैल 2025 में व्यापारिक कारणों के चलते उन्होंने इस खाते को बंद करने का फैसला लिया और बैंक में विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया।

पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उन्होंने बैंक के कस्टमर रिलेशनशिप ऑफिसर को खाता बंद करने का लिखित आवेदन, चेक बुक और एटीएम कार्ड सौंप दिए थे। बैंक की ओर से उन्हें मौखिक रूप से यह आश्वासन दिया गया कि खाता बंद कर दिया गया है।


13 अगस्त को खुला राज, उड़ गए होश

अवनीत अरोड़ा को असली झटका 13 अगस्त 2025 को लगा, जब उनके घर एक बैंक स्टेटमेंट कोरियर के जरिए पहुंचा। स्टेटमेंट देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस खाते को वह महीनों से बंद समझ रहे थे, उसमें महज दो महीनों के भीतर—1 मई से 26 जून 2025 के बीच—करीब 12.14 करोड़ रुपये जमा किए गए और लगभग 12.12 करोड़ रुपये निकाल भी लिए गए थे।

इस पूरे लेनदेन की जानकारी न तो उन्हें फोन पर मिली और न ही ई-मेल या एसएमएस अलर्ट के जरिए।


शातिर तरीके से बदला गया मोबाइल नंबर और ई-मेल

पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से उनके खाते से जुड़ा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदल दी, ताकि हर बड़े लेनदेन की सूचना सीधे खाताधारक तक न पहुंच सके। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये के इस संदिग्ध लेनदेन की भनक तक अवनीत अरोड़ा को नहीं लगी।

यह आरोप सीधे तौर पर बैंकिंग प्रणाली में अंदरूनी सेंधमारी और कर्मचारियों की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।


शिकायत करने पर मिली धमकी

जब अवनीत अरोड़ा इस गंभीर अनियमितता की शिकायत लेकर बैंक शाखा पहुंचे, तो स्थिति और भयावह हो गई। आरोप है कि 20 अगस्त 2025 को बैंक कर्मचारियों ने न केवल मामले को गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया, बल्कि शिकायत को आगे बढ़ाने पर उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद पीड़ित व्यापारी ने न्यायालय की शरण ली, जहां से पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए।


कोर्ट के आदेश पर बैंक अधिकारियों पर FIR

न्यायालय के निर्देश के बाद ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने बैंक के शाखा प्रबंधक (Branch Manager) और अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की कूटरचना (Forgery) और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि:

  • इतनी बड़ी रकम खाते में कहां से आई
  • पैसा किन खातों में ट्रांसफर किया गया
  • क्या इस लेनदेन का संबंध मनी लॉन्ड्रिंग से है
  • इसमें बैंक के कितने कर्मचारी शामिल थे

बैंकिंग सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

यह हरिद्वार बैंक फ्रॉड मामला सिर्फ एक व्यापारी की व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग सिस्टम की पारदर्शिता और सुरक्षा दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि बंद किए गए खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन संभव है, तो आम खाताधारकों की वित्तीय सुरक्षा कितनी मजबूत है—यह चिंता का विषय बन गया है।


खाताधारकों के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सभी बैंक ग्राहकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। खाता बंद कराने के बाद केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा करने के बजाय बैंक से लिखित क्लोजर रिपोर्ट (Account Closure Certificate) लेना बेहद जरूरी है।


आगे क्या?

हरिद्वार बैंक फ्रॉड मामला हरिद्वार पुलिस की जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन माना जा रहा है कि जैसे-जैसे परतें खुलेंगी, कई बड़े नाम और बैंकिंग अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर अब राज्य स्तर तक निगाहें टिक गई हैं।

By Bhaskar

Bhaskaranand Founder, Editor & Content Strategist | Bugyal News भास्करानन्द एक पत्रकार, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार, जनसरोकार, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भास्करानन्द ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे बच्चों और युवाओं के लिए दो दर्जन से अधिक थिएटर कार्यशालाओं में थिएटर मेंटर के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रचनात्मक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े रहे हैं। Bugyal News के संस्थापक एवं संपादक के रूप में उनका उद्देश्य उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को तेज़, सटीक और जनहितकारी रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। उनकी लेखनी में जमीनी मुद्दों, विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े विषयों को विशेष स्थान मिलता है। Contact 📧 Email: anandbhaskar462@gmail.com 🌐 Website: bugyalnews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *