Islamabad Suicide AttackPhoto-AFP

नई दिल्ली। Islamabad Suicide Attack: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर दहशतगर्दी की चपेट में आ गई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान इस्लामाबाद में एक भीषण सुसाइड अटैक हुआ, जिसमें अब तक 71 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज़ करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनी गई। हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, वहीं प्रशासन ने राजधानी में इमरजेंसी घोषित कर दी है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह आत्मघाती हमला रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय से महज 11 मील की दूरी पर हुआ। इससे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

तरलाई कलां इलाके में हुआ हमला

यह सुसाइड अटैक इस्लामाबाद के सब-अर्बन इलाके तरलाई कलां में स्थित एक बड़ी शिया मस्जिद में हुआ। इस मस्जिद परिसर में मदरसा और इमामबाड़ा भी मौजूद है। जुमे के दिन यहां बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग नमाज़ अदा करने के लिए इकट्ठा होते हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावर ने इसी भीड़ को निशाना बनाने के लिए जानबूझकर जुमे की नमाज़ का समय चुना।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर मस्जिद के भीतर नमाज़ियों के बीच पहुंचना चाहता था, लेकिन गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स को उसकी गतिविधियों पर शक हो गया। जैसे ही उसे रोका गया, उसने अपनी ऑटोमैटिक राइफल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा कर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इसी बीच हमलावर ने मस्जिद के मुख्य गेट पर खुद को बम से उड़ा लिया।

धमाके के बाद मची तबाही

Islamabad Suicide Attack धमाके के बाद मस्जिद और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह तबाह हो गया। कई शव गेट और परिसर के आसपास पड़े मिले, जबकि घायल लोग मदद के लिए चीखते नजर आए। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई घायलों की हालत बेहद नाजुक है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

इस आतंकी हमले पर भारत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इस्लामाबाद में हुए धमाके की निंदा की गई है। बयान में कहा गया,
“आज सुबह इस्लामाबाद की मस्जिद पर हुआ बम धमाका निंदनीय है। भारत इसमें हुई जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने में व्याप्त समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय, अपने घरेलू संकटों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को भ्रमित करने का विकल्प चुन रहा है। भारत इस तरह के हर आरोप को पूरी तरह से खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक है।”

भारत के इस बयान को पाकिस्तान द्वारा अक्सर भारत पर लगाए जाने वाले आरोपों के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है।

शिया समुदाय पर फिर हमला

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब पाकिस्तान में शिया समुदाय पहले से ही लगातार आतंकी हमलों का निशाना बनता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले न केवल धार्मिक तनाव को बढ़ाते हैं, बल्कि पाकिस्तान के सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करते हैं। शिया मस्जिद को निशाना बनाए जाने से सांप्रदायिक तनाव गहराने की आशंका जताई जा रही है।

पाकिस्तान में पहले भी मस्जिदों, इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर हमले होते रहे हैं, लेकिन राजधानी इस्लामाबाद में इस स्तर का हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस्लामाबाद जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में सुसाइड बॉम्बर का पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विश्लेषकों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक को दर्शाता है। सेना मुख्यालय के इतने नजदीक हुए इस हमले ने यह साफ कर दिया है कि आतंकी नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं और राजधानी तक उनकी पहुंच बनी हुई है।

हमले के बाद पूरे इस्लामाबाद में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और शहर के प्रवेश व निकास बिंदुओं पर कड़ी जांच शुरू कर दी गई है।

पाकिस्तान सरकार की चुनौती

इस आतंकी हमले ने पाकिस्तान सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर देश पहले से आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक असंतोष से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को और नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा और कट्टरपंथ की समस्या से गंभीरता से नहीं निपटा, तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।

जुमे की नमाज़ के दौरान हुआ यह Islamabad Suicide Attack न केवल पाकिस्तान के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। निर्दोष नमाज़ियों को निशाना बनाना आतंकवाद की क्रूर मानसिकता को उजागर करता है। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और संवेदना के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पाकिस्तान इस हमले के बाद क्या ठोस कदम उठाता है और क्या वह आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर पाता है या नहीं।

By Bhaskar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *