अंकिता भंडारी हत्याकांड

देहरादून:
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। गुरुवार, 5 फरवरी को देहरादून स्थित उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर वर्तमान में चल रही सीबीआई जांच को सिरे से खारिज कर दिया। नेताओं ने एक स्वर में आरोप लगाया कि यह जांच न्याय दिलाने के बजाय प्रभावशाली और वीआईपी लोगों को बचाने का माध्यम बन गई है।

प्रेस वार्ता में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा “ढकोसला” है, जिसे इंडिया गठबंधन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करता।


‘जन दबाव में की गई सीबीआई जांच’ का आरोप

हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में समय-समय पर सामने आए नए खुलासों और बढ़ते जन दबाव के कारण राज्य सरकार को सीबीआई जांच की घोषणा करनी पड़ी। हालांकि, उनका आरोप है कि यह कदम न्याय सुनिश्चित करने के लिए नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश को शांत करने और पर्दे के पीछे मौजूद वीआईपी को बचाने के लिए उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि जब तक जांच की मंशा साफ नहीं होगी, तब तक सीबीआई जैसी संस्था की साख भी सवालों के घेरे में रहेगी।


एफआईआर पर उठाए गंभीर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में एफआईआर को सबसे अहम दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक जांच की बुनियाद एफआईआर होती है और यह जानना बेहद जरूरी है कि एफआईआर किसकी शिकायत पर दर्ज की गई है।

हरीश रावत के अनुसार, अंकिता भंडारी केस में जिस शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच आगे बढ़ाई जा रही है, वह एक “गवर्नमेंट स्पॉन्सर्ड कंप्लेंट” है। यानी यह शिकायत किसी पीड़ित पक्ष की नहीं, बल्कि सरकार द्वारा प्रायोजित बताई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पीड़िता के माता-पिता और परिजनों को दरकिनार कर किसी अन्य व्यक्ति को शिकायतकर्ता क्यों बनाया गया।


‘पीड़ित परिवार को हाशिए पर डालने की साजिश’

हरीश रावत ने स्पष्ट कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया है। उनके भाई, रिश्तेदार और सामाजिक कार्यकर्ता इस लड़ाई में शुरू से शामिल रहे हैं। इसके बावजूद यदि सीबीआई जांच का आधार किसी ऐसे व्यक्ति को बनाया गया है, जिसका सीधे तौर पर पीड़ित परिवार से कोई संबंध नहीं है, तो यह जांच की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इस तरह की किसी भी जांच प्रक्रिया को स्वीकार नहीं करेगा, जो पीड़ित परिवार को हाशिए पर डालकर चलाई जा रही हो।


8 फरवरी की महापंचायत में शामिल होगा इंडिया गठबंधन

हरीश रावत ने ऐलान किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आगामी 8 फरवरी को होने जा रही महापंचायत में इंडिया गठबंधन सक्रिय रूप से हिस्सा लेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई है।

उनका कहना था कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।


सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी की मांग

प्रेस वार्ता में मौजूद भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने भी सीबीआई जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को संदिग्ध परिस्थितियों में शिकायतकर्ता बनाया गया है, उसका अंकिता भंडारी के परिवार से कोई लेना-देना नहीं है।

इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि न तो वह व्यक्ति पीड़ित है और न ही इस मामले में कोई वैधानिक पक्षकार। ऐसे में उसे शिकायतकर्ता बनाना यह दर्शाता है कि सरकार सीबीआई जांच के जरिए सच्चाई को दबाने और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी भी तरह का संदेह न रहे।


राजनीतिक नहीं, न्याय का सवाल

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल राजनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक बेटी को न्याय दिलाने का सवाल है। नेताओं ने कहा कि यदि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी भी राजनीतिक दबाव में काम करेगी, तो आम नागरिक का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।


अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच को लेकर उठा यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने के संकेत दे रहा है। इंडिया गठबंधन का आरोप है कि मौजूदा जांच प्रक्रिया पीड़ित परिवार की बजाय सत्ता-संरक्षित लोगों के हित में काम कर रही है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती हैं और क्या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग को गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल, अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई सड़कों से लेकर राजनीतिक मंचों तक और तेज होती दिख रही है।

By Bhaskar

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