देहरादून, Dehradun road cutting case: शहर में अनियंत्रित और नियमों की अनदेखी कर की जा रही रोड कटिंग पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। विद्युत केबल अंडरग्राउंड कार्य के दौरान निर्धारित शर्तों के उल्लंघन और जनसुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में जिला प्रशासन ने पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) की रोड कटिंग अनुमति को निरस्त करते हुए कार्य पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) और ठेकेदार के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के स्पष्ट निर्देशों के बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि शहर की सड़कों पर मनमानी खुदाई, तय मानकों की अनदेखी और सुरक्षा उपायों के अभाव के कारण आम नागरिकों को चोटिल होने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
एलआईसी बिल्डिंग के पास बार-बार हादसे, प्रशासन ने लिया संज्ञान
देहरादून के एलआईसी बिल्डिंग क्षेत्र में विद्युत केबल को भूमिगत करने के कार्य के दौरान खुले गड्ढे, अधूरी बैरिकेडिंग और रात के समय सुरक्षा प्रबंधों की कमी के चलते आए दिन राहगीर घायल हो रहे थे। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि रोड कटिंग कार्य निर्धारित समय और शर्तों के विपरीत किया जा रहा था, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और जनमानस को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
सशर्त अनुमति का उल्लंघन, प्रशासन ने रद्द की मंजूरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिटकुल द्वारा 135 केवी आराघर सब-स्टेशन से निर्माणाधीन 132 केवी माजरा–लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को भूमिगत केबल के माध्यम से बिछाने हेतु रोड कटिंग की अनुमति मांगी गई थी। परियोजना समन्वय समिति, देहरादून की 19 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार के बाद सशर्त अनुमति दी गई थी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 01 जनवरी 2026 को जारी पत्र के माध्यम से पिटकुल को 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे के बीच ही रोड कटिंग कार्य करने की अनुमति दी गई थी। साथ ही स्पष्ट निर्देश थे कि यातायात बाधित न हो, सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और कार्य के बाद तत्काल सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।
हालांकि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा इन शर्तों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। दिन के समय खुदाई, अधूरी मरम्मत, चेतावनी संकेतों का अभाव और मशीनरी को खुले में छोड़ने जैसी लापरवाहियां सामने आईं।
आईएसबीटी क्रॉसिंग और माजरा क्षेत्र में हालात गंभीर
क्यूआरटी टीम ने आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड स्थित माजरा क्षेत्र में रोड कटिंग स्थलों का निरीक्षण किया, जहां स्थिति अत्यंत गंभीर पाई गई। सड़क पर बड़े गड्ढे, जाम की स्थिति और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई थी।
प्रशासन ने इसे जनसुरक्षा से सीधा खिलवाड़ मानते हुए तत्काल प्रभाव से सभी संबंधित स्थलों पर रोड कटिंग कार्य को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही पिटकुल की अनुमति को निरस्त कर दिया गया और कार्य में प्रयुक्त मशीनरी को जब्त किया गया।
XEN और ठेकेदार पर दर्ज हुआ मुकदमा
जिला प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन को गंभीर अपराध मानते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) और ठेकेदार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई एक उदाहरण के रूप में की गई है ताकि भविष्य में कोई भी एजेंसी नियमों की अनदेखी करने का दुस्साहस न करे।
साथ ही पिटकुल के अधीक्षण अभियंता (परियोजना क्रियान्वयन) को निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रभावित स्थलों पर तत्काल भरान कर सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। यदि आदेशों की अवहेलना की गई तो और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी सविन बंसल ने Dehradun road cutting case पर दो टूक कहा कि शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की आड़ में नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनहित सर्वोपरि मानते हुए कार्य कर रहा है और किसी भी विभाग या एजेंसी को मनमानी करने की छूट नहीं दी जाएगी। आने वाले समय में रोड कटिंग और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी।
