ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय अनियमितताएं

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा बुधवार को ऋषिकेश स्थित (ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय अनियमितताएं) सब रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं, नियमों की खुलेआम अनदेखी और गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं का खुलासा हुआ, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

निरीक्षण के समय सामने आई अनियमितताओं को जिलाधिकारी ने “जनहित के साथ सीधा खिलवाड़” बताते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में अवैध रजिस्ट्री, लिपिक कर रहा था निबंधन

निरीक्षण में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में ही रजिस्ट्री कार्य किया जा रहा था। मौके पर पाया गया कि केवल निबंधन लिपिक की मौजूदगी में विलेखों का निबंधन किया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।

जिलाधिकारी ने जब लिपिक से पूछा कि आपको संपत्ति मूल्यांकन (धारा 47-A) का कोई ज्ञान नहीं है, तो स्टाम्प शुल्क कैसे निर्धारित किया गया? — इस सवाल पर संबंधित कर्मी बगले झांकते नजर आए। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निबंधक के अधिकारों का अवैध प्रयोग आपराधिक श्रेणी में आता है और इस मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।


औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर रजिस्ट्री, करोड़ों की स्टाम्प चोरी की आशंका

निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंडों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर की गई कई रजिस्ट्रीयां सामने आईं। प्रारंभिक जांच में इससे करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी की गंभीर संभावना जताई गई है।

जिलाधिकारी ने इस पूरे प्रकरण पर विस्तृत आख्या शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किस स्तर पर मूल्यांकन में हेराफेरी की गई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।


मूल विलेख महीनों से लंबित, अलमारियों में धूल खाते मिले दस्तावेज

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई महीनों से आवेदकों के मूल अभिलेख वापस नहीं किए गए थे, जबकि नियमानुसार अधिकतम तीन दिन में मूल विलेख लौटाना अनिवार्य है।

कार्यालय की अलमारियों में सैकड़ों मूल विलेख धूल खाते हुए पाए गए, जिससे हजारों आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए लंबित मूल अभिलेख तत्काल तहसील प्रशासन के सुपुर्द कराए।


रजिस्ट्री की नकल के लिए जनता परेशान, ‘अर्जेंट’ आवेदन भी वर्षों से लंबित

निरीक्षण में यह भी उजागर हुआ कि रजिस्ट्री की नकल उपलब्ध कराने में भारी देरी की जा रही थी। जहां नियमों के अनुसार अर्जेंट नकल 24 घंटे के भीतर दी जानी चाहिए, वहीं कई प्रकरण महीनों甚至 वर्षों से लंबित पाए गए।

जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह स्थिति आम नागरिकों के अधिकारों का हनन है और इसके लिए जिम्मेदार कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।


घोस्ट कार्मिक का खुलासा, न नियुक्ति पत्र न उपस्थिति पंजिका में नाम

निरीक्षण के दौरान कार्यालय में एक घोस्ट कार्मिक भी पाया गया, जिसका न तो कोई नियुक्ति पत्र था और न ही उपस्थिति रजिस्टर में उसका नाम दर्ज था। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल समस्त कार्मिकों का रिकॉर्ड तलब कर लिया है।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध नियुक्ति और अभिलेखों के कार्यालय में कार्यरत किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


कंप्यूटर, कूटरचित विलेख और लंबित अभिलेख जब्त

गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने कंप्यूटर सिस्टम, लंबित मूल अभिलेख और संदिग्ध (कूटरचित) विलेख जब्त करवा दिए। यह सामग्री आगे की जांच के लिए तहसील प्रशासन के सुपुर्द की गई है, ताकि किसी भी तरह की डिजिटल या दस्तावेजी हेराफेरी की पूरी पड़ताल हो सके।


फरियादियों ने सुनाई आपबीती, एसडीएम को दिए निर्देश

ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मौजूद फरियादियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी आपबीती सुनाई। कई लोगों ने बताया कि वे महीनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो मूल दस्तावेज लौटाए जा रहे हैं और न ही नकल उपलब्ध कराई जा रही है।

इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और आमजन को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

By Bhaskar

Bhaskaranand Founder, Editor & Content Strategist | Bugyal News भास्करानन्द एक पत्रकार, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार, जनसरोकार, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भास्करानन्द ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे बच्चों और युवाओं के लिए दो दर्जन से अधिक थिएटर कार्यशालाओं में थिएटर मेंटर के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रचनात्मक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े रहे हैं। Bugyal News के संस्थापक एवं संपादक के रूप में उनका उद्देश्य उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को तेज़, सटीक और जनहितकारी रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। उनकी लेखनी में जमीनी मुद्दों, विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े विषयों को विशेष स्थान मिलता है। Contact 📧 Email: anandbhaskar462@gmail.com 🌐 Website: bugyalnews.com

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