नई दिल्ली/Zakir Khan Dhurandhar 2 Controversy: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की शानदार सफलता जहां इंडस्ट्री के लिए जश्न का मौका बनी हुई है, वहीं अब इसी फिल्म को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म को लेकर कॉमेडियन जाकिर खान द्वारा किए गए एक मजाक ने बॉलीवुड में हलचल मचा दी है।
इस बयान के बाद इंडस्ट्री के कई बड़े नाम खुलकर सामने आ गए हैं और इसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है।
अवॉर्ड शो में जाकिर खान का बयान बना विवाद की वजह
दरअसल, ‘स्क्रीन अवॉर्ड्स 2026’ के दौरान मंच पर बातचीत करते हुए जाकिर खान ने ‘धुरंधर 2’ की सफलता को लेकर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा—
“फिल्म में बम फूटे लियारी में… और धुआं उड़ा बांद्रा-जुहू में।”
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि चाहे लोग कितने भी बधाई संदेश दें, लेकिन सच्चाई यह है कि ‘धुरंधर’ की सफलता से कई लोगों को जलन हो रही है।
उनके इस बयान को कई लोगों ने इंडस्ट्री के एक खास वर्ग पर तंज के रूप में लिया, जिससे विवाद और गहरा गया।
सिद्धार्थ आनंद का पलटवार: ‘यह आपकी बेवकूफी है’
जाकिर खान के इस बयान पर फिल्म निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना नाम लिए तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
“जुहू-बांद्रा के लोगों ने पिछले 50 सालों में ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। अगर आप उनके योगदान को नहीं समझते, तो यह आपकी बेवकूफी है।”
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर जाकिर खान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को उसी टिप्पणी का जवाब माना जा रहा है। फैंस और इंडस्ट्री के जानकार भी इसे एक सीधा पलटवार मान रहे हैं।
अमीषा पटेल ने भी जताई नाराजगी
इस विवाद में अभिनेत्री अमीषा पटेल भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने भी जाकिर खान के बयान पर आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा—
“नेगेटिविटी फैलाना बंद करो। फिल्म इंडस्ट्री ‘धुरंधर’ की वैल्यू और रिस्पेक्ट करती है।”
उन्होंने आगे कहा कि बॉलीवुड में कई सुपरस्टार्स ने लगातार मेगा हिट फिल्में दी हैं और इंडस्ट्री की उपलब्धियों को कमतर आंकना सही नहीं है। उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान, सनी देओल, ऋतिक रोशन और अजय देवगन जैसे सितारों का उदाहरण भी दिया।
‘धुरंधर’ की सफलता से क्यों बढ़ी संवेदनशीलता?
फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को न सिर्फ दर्शकों का प्यार मिला, बल्कि क्रिटिक्स ने भी इसकी जमकर तारीफ की।
ऐसे में इस फिल्म को लेकर कोई भी नकारात्मक या व्यंग्यात्मक टिप्पणी स्वाभाविक रूप से ज्यादा संवेदनशील मुद्दा बन जाती है। खासकर तब, जब इंडस्ट्री पहले से ही रीजनल और बॉलीवुड सिनेमा के बीच तुलना और प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रही हो।
कॉमेडी बनाम सम्मान: कहां खींची जाए लकीर?
यह पूरा विवाद एक बड़े सवाल को जन्म देता है—क्या कॉमेडी के नाम पर इंडस्ट्री या किसी वर्ग पर इस तरह के तंज उचित हैं?
कॉमेडियन अक्सर सामाजिक और इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर व्यंग्य करते हैं, लेकिन जब यह किसी की उपलब्धियों या योगदान को कमतर दिखाने जैसा लगे, तो विवाद होना तय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मान के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है, खासकर जब बात सार्वजनिक मंच और बड़े दर्शक वर्ग की हो।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस Zakir Khan Dhurandhar 2 Controversy मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स भी दो हिस्सों में बंट गए हैं। एक वर्ग जाकिर खान के बयान को महज एक मजाक मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे बॉलीवुड के प्रति अनादर के रूप में देख रहा है।
ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर #DhurandharControversy और #ZakirKhan ट्रेंड करने लगे हैं, जिससे साफ है कि यह मामला अब केवल इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम दर्शकों के बीच भी चर्चा का विषय बन चुका है।
विवाद से बढ़ी चर्चा, लेकिन जरूरी है संतुलन
‘धुरंधर 2’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब इंडस्ट्री में एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है। जहां एक ओर फिल्म की सफलता का जश्न जारी है, वहीं दूसरी ओर यह विवाद (Zakir Khan Dhurandhar 2 Controversy) याद दिलाता है कि शब्दों का चयन कितना महत्वपूर्ण होता है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद कहां तक जाता है और क्या इससे इंडस्ट्री में किसी नए संवाद की शुरुआत होती है। फिलहाल, इतना तय है कि ‘धुरंधर’ केवल बॉक्स ऑफिस ही नहीं, बल्कि बहस के केंद्र में भी बनी हुई है।

