योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड दौरा

देहरादून/पौड़ी। उत्तराखंड दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पौड़ी गढ़वाल जनपद के पावन तीर्थ क्षेत्र यमकेश्वर में नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण की खुलकर सराहना की। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए देश के सामने एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।

धार्मिक स्थलों का संरक्षण और अवैध अतिक्रमण पर सख्ती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज उत्तराखंड सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आस्था के नाम पर अवैध अतिक्रमण को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई सराहनीय है। योगी ने कहा कि धर्म और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि विरोधी, और उत्तराखंड सरकार ने इस संतुलन को बखूबी साधा है।

विकास के नए युग में प्रवेश करता उत्तराखंड

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड अब विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दृष्टिकोण केवल भौतिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर आधारित है। यही सच्चा और टिकाऊ विकास है।

शिक्षा को प्राथमिकता, पर्वतीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस

यमकेश्वर महादेव जैसे पवित्र क्षेत्र में आधुनिक शैक्षणिक संस्थान का निर्माण उत्तराखंड सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन को क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना से अब ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। गांव में रहकर ही आधुनिक और प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त की जा सकेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और गुरुकुल परंपरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। यह नीति विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें जीवन कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली सदियों से गुरुकुल परंपरा पर आधारित रही है, जहां संस्कार, अनुशासन और परिश्रम को सर्वोच्च स्थान दिया गया। आज उसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

गांव विकास की धुरी, ‘ग्राम स्वराज’ की ओर कदम

योगी आदित्यनाथ ने गांवों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि गांव हमारी जड़ हैं। जब जड़ें मजबूत होती हैं, तभी विकास का वृक्ष फलता-फूलता है। उन्होंने कहा कि गांवों को शिक्षा, तकनीक और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना समय की मांग है। उत्तराखंड सरकार द्वारा गांवों में सड़क, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार ‘ग्राम स्वराज’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए तेज़ी से निर्णय लिए हैं और उन्हें जमीन पर उतारा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी सरकार का फोकस स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका को बताया अहम

कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित राज्य सरकार के अन्य जनप्रतिनिधियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों और टीम वर्क से ही राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

सनातन संस्कृति के साथ विकास का मॉडल

अपने संबोधन के समापन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज सनातन संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत कर रहा है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड शिक्षा, पर्यटन, आध्यात्म और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएगा।

योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड दौरा

By Bhaskar

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