नई दिल्ली: देशभर में मौसम का कहर इन दिनों चरम पर दिखाई दे रहा है। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे मौसम में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों के लिए अलग-अलग मौसम चेतावनियां जारी की हैं। कहीं लू का रेड अलर्ट जैसी स्थिति बन रही है, तो कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है।
उत्तर भारत में लू का कहर, कई शहरों में पारा 46 डिग्री के पार
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रयागराज में तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। कई स्थानों पर रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।
राजस्थान में भी 24 मई के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी होने का अनुमान है। ऐसे में राज्य के कुछ हिस्सों में भीषण लू की स्थिति गंभीर हो सकती है।
अगले 6-7 दिनों तक जारी रह सकती है हीटवेव
मौसम विभाग के अनुसार अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में गर्मी का असर बना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून की शुरुआत में मानसून पूर्व गतिविधियां शुरू होने के बाद लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल कई राज्यों में देशभर में मौसम का कहर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
हिमाचल में बारिश और बर्फबारी से राहत
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अलग तस्वीर पेश की है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिली।
कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रे और आसपास के क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
अरुणाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड से तबाही
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ की वजह से कई अहम पुल बह गए हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। बाढ़ से घरों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है।
रिपोर्ट के अनुसार निंगपिंग गांव के पास न्यो कोरो स्थित आरसीसी पुल और गीबा मुख्यालय को लॉन्गटे गांव से जोड़ने वाला पुल भी बाढ़ में बह गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों के आसपास जाने से बचें और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से दूरी बनाए रखें।
जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
बारामूला जिले के रफीबाद क्षेत्र और आसपास के गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सेब के बागों और खड़ी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
किसानों के अनुसार अचानक आए तूफान और ओलों ने कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिससे फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
केरल और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण भारत में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अलाप्पुझा जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
इसके अलावा 27 मई तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और हवाएं चलने की संभावना है। 28 मई से 3 जून के बीच कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
उधर उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूच बिहार समेत कई जिलों में 26 मई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
देशभर में मौसम का असामान्य पैटर्न चिंता का विषय
एक तरफ गर्मी से लोग परेशान हैं, तो दूसरी ओर कई हिस्सों में अचानक बाढ़, ओलावृष्टि और भारी बारिश जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञ इसे बदलते मौसम पैटर्न और चरम जलवायु घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल आने वाले कुछ दिनों तक देशभर में मौसम का कहर जारी रहने के संकेत हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

