उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव: राजधानी देहरादून स्थित सचिवालय परिसर में इन दिनों एक अलग ही राजनीतिक माहौल देखने को मिल रहा है। हालांकि यह माहौल किसी विधानसभा या लोकसभा चुनाव का नहीं, बल्कि सचिवालय कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव को लेकर बन रहा है। लंबे समय से टलते आ रहे इन चुनावों को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई देने लगी है, जिससे कर्मचारियों के बीच उत्साह और उम्मीद दोनों बढ़ गए हैं।
लंबे समय से लंबित था चुनाव, अब बढ़ी सक्रियता
दरअसल, सचिवालय संघ का कार्यकाल काफी समय पहले समाप्त हो चुका था, जिसके बाद से नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर चर्चा तो जारी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका था। इस बीच कर्मचारियों की लगातार उठती मांग और संगठनात्मक दबाव के चलते अब सचिवालय प्रशासन विभाग ने चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, जिसमें चुनाव कराने की मंशा स्पष्ट की गई है। इसके बाद से ही सचिवालय में चुनावी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।
चुनाव अधिकारी की नियुक्ति से प्रक्रिया में आई तेजी
चुनाव प्रक्रिया को गति देते हुए मस्तु दास को उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नामित किया गया है। यह नियुक्ति चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है। जैसे ही चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी तय हुई, कर्मचारियों के बीच चुनाव को लेकर चर्चा और भी तेज हो गई।
हालांकि, अभी तक चुनाव की तिथियों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अगस्त या मई—कब हो सकते हैं चुनाव?
मौजूदा कार्यकारिणी की ओर से अगस्त महीने में चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा गया है। यदि चुनाव अधिकारी इस प्रस्ताव पर सहमति देते हैं, तो उसी समयावधि में चुनाव कराए जा सकते हैं।
वहीं, यदि किसी कारणवश अगस्त की तिथियों पर सहमति नहीं बन पाती है, तो मई महीने के पहले सप्ताह में चुनाव कराने का विकल्प भी खुला हुआ है। इसको लेकर अंतिम फैसला चुनाव अधिकारी और प्रशासनिक सहमति के बाद ही लिया जाएगा।
1100 से अधिक कर्मचारी करेंगे मतदान
उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव इसलिए भी बेहद अहम माना जाता है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी हिस्सा लेते हैं। सचिवालय में लगभग 1100 कर्मचारी इस संघ के सदस्य हैं, जो मतदान प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
हर बार की तरह इस बार भी चुनाव को लेकर पूरे सचिवालय परिसर में हलचल तेज हो गई है। कर्मचारी समूहों में बैठकर संभावित उम्मीदवारों और रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगता नजर आ रहा है।
अध्यक्ष और महामंत्री पद पर सबसे ज्यादा मुकाबला
उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव में अध्यक्ष और महामंत्री के पद को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दोनों पद संगठन की दिशा और नीति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि इन पदों के लिए अक्सर कई दावेदार मैदान में उतरते हैं और मुकाबला काफी रोचक हो जाता है।
इस बार भी इन दोनों पदों को लेकर कर्मचारियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई संभावित उम्मीदवार अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए अभी से सक्रिय हो चुके हैं।
क्या बोले महामंत्री राकेश जोशी?
सचिवालय संघ के वर्तमान महामंत्री राकेश जोशी ने बताया कि कार्यकारिणी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि कुछ संभावित तिथियां तय कर ली गई हैं और यदि चुनाव अधिकारी के पास समय उपलब्ध रहा, तो इन्हीं तिथियों पर चुनाव कराने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रस्तावित तिथियों पर सहमति नहीं बनती है, तो मई के पहले सप्ताह में चुनाव कराने का विकल्प भी मौजूद रहेगा।
राजनीतिक हलचल जैसा माहौल
हालांकि यह चुनाव किसी राजनीतिक दल का नहीं है, लेकिन इसके बावजूद सचिवालय परिसर में माहौल किसी बड़े राजनीतिक चुनाव से कम नहीं दिखता। कर्मचारियों के बीच गुटबाजी, रणनीति और समर्थन जुटाने की गतिविधियां तेज हो जाती हैं, जिससे पूरा परिसर राजनीतिक रंग में रंग जाता है।
उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव अब जल्द ही वास्तविकता में बदलते नजर आ रहे हैं। चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और प्रशासन की सक्रियता ने इस प्रक्रिया को नई गति दी है। आने वाले दिनों में चुनाव तिथियों का ऐलान होते ही सचिवालय का माहौल और भी गर्म होने की संभावना है। यह चुनाव न केवल कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सचिवालय की कार्यप्रणाली पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

