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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड: गुरुग्राम में रिकॉर्ड तापमान, पाले ने बढ़ाई किसानों की चिंता

उत्तर भारत में शीत लहर

उत्तर भारत में शीत लहर

उत्तर भारत में शीत लहर

उत्तर भारत में शीत लहर ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। बीते कई दिनों से तेज धूप खिलने के बावजूद ठंड का असर कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। राजधानी दिल्ली में जहां रिकॉर्डतोड़ सर्दी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं उससे सटे गुरुग्राम में हालात और भी ज्यादा भयावह नजर आ रहे हैं। यहां ठंड ऐसी है मानो बर्फ जम रही हो। शीत लहर ने पूरे उत्तर भारत को अपनी गिरफ्त में ले लिया है और लोगों को अलाव, हीटर व गर्म कपड़ों के सहारे दिन-रात गुजारने को मजबूर कर दिया है।

गुरुग्राम में लगातार गिरते तापमान को देखते हुए भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, गुरुग्राम में इस सीजन का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है, जिसने कई वर्षों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह स्थिति न सिर्फ शहरी इलाकों बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है।

0.6 डिग्री पर पहुंचा गुरुग्राम, नारनौल भी जमा देने वाली ठंड में

ट्विटर (अब एक्स) पर गुरुग्राम ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह आंकड़ा अपने आप में असाधारण है और इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में पाला पड़ने की स्थिति बन चुकी है। वहीं नारनौल में न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कई डिग्री कम है।

PHOTO @indiametsky

दिल्ली-एनसीआर में भी रिकॉर्ड ठंड

दिल्ली-एनसीआर भी इस शीत लहर से अछूता नहीं है। राजधानी दिल्ली में 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था, जबकि 13 जनवरी को यह 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आसपास के इलाकों की बात करें तो

इन आंकड़ों से साफ है कि पूरा उत्तर भारत इस वक्त जबरदस्त शीत लहर की चपेट में है।

गुरुग्राम के गांवों में पाले का कहर

उत्तर भारत में शीत लहर से जहाँ जनजीवन प्रभावित है वंही गुरुग्राम के कई ग्रामीण इलाकों में इस समय पाला पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों पर सफेद जमी परत साफ दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पाला अपने आप में इस बात का संकेत होता है कि तापमान शून्य डिग्री या उसके आसपास पहुंच चुका है। इसका सीधा असर सरसों, गेहूं, सब्जियों और बागवानी फसलों पर पड़ सकता है। किसान चिंता में हैं कि अगर अगले कुछ दिन इसी तरह ठंड बनी रही तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

हालांकि शहरी इलाकों में स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में थोड़ी बेहतर बताई जा रही है, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर यहां भी कम नहीं है। खुले में खड़ी गाड़ियों पर बर्फ जैसी जमी परत और शीशों पर पाला आम नजर बन चुका है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं बर्फ जैसी तस्वीरें

इस कड़ाके की ठंड का असर सोशल मीडिया पर भी साफ देखा जा सकता है। गुरुग्राम और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपनी कारों, खेतों और सब्जियों पर जमी बर्फ जैसी परत की तस्वीरें साझा कर रहे हैं। ये तस्वीरें उत्तर भारत में पड़ रही भीषण ठंड का प्रत्यक्ष प्रमाण बन गई हैं और लोगों को सर्दी की गंभीरता का एहसास करा रही हैं।

मकर संक्रांति पर मिल सकती है थोड़ी राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 जनवरी मकर संक्रांति के आसपास तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान भी 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, न्यूनतम तापमान अभी भी कम रहने की संभावना जताई गई है, ऐसे में सुबह और रात के समय ठंड बरकरार रह सकती है।

प्रशासन और मौसम विभाग की अपील

मौसम विभाग ने उत्तर भारत में शीत लहर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को भी पाले से फसलों को बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया है।

कुल मिलाकर, उत्तर भारत में शीत लहर इस समय अपने चरम पर है। गुरुग्राम में रिकॉर्ड तापमान और पाले की मार ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले कुछ दिन अभी भी चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस कड़ाके की ठंड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

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