Site icon आज की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट | Bugyal News, हिंदी न्यूज़

Sunfox Technologies Success Story: देहरादून की स्टार्टअप ने बनाई पॉकेट ECG डिवाइस, 500 करोड़ की बनी हेल्थ टेक कंपनी

Sunfox Technologies

Photo: Bugyal News

देहरादून/ Sunfox Technologies Success Story: बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और कम उम्र में बढ़ रही हृदय संबंधी बीमारियां आज पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं। बीते कुछ वर्षों में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे समय में समय पर हृदय जांच और निगरानी बेहद जरूरी हो गई है। इसी जरूरत को समझते हुए उत्तराखंड के देहरादून से निकली एक स्टार्टअप कंपनी Sunfox Technologies ने हेल्थ टेक सेक्टर में ऐसा इनोवेशन किया है, जिसने पारंपरिक ECG मशीनों की तस्वीर ही बदल दी है।

देहरादून की Sunfox Technologies ने ‘स्पंदन’ नाम की एक पोर्टेबल ECG डिवाइस तैयार की है, जो कुछ ही मिनटों में हृदय की गतिविधियों की जांच कर सकती है। यह छोटी बैटरी से चलने वाली डिवाइस आज भारत समेत दुनिया के 25 देशों में इस्तेमाल की जा रही है। खास बात यह है कि साल 2016 में शुरू हुआ यह स्टार्टअप आज करीब 500 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली हेल्थ टेक कंपनी बन चुका है।

उत्तराखंड के पहले स्टार्टअप से शुरू हुआ सफर

जब केंद्र सरकार ने साल 2016 में स्टार्टअप इंडिया अभियान की शुरुआत की, तब उत्तराखंड में भी नए इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल को बढ़ावा देने का काम शुरू हुआ। इसी दौरान देहरादून में पढ़ाई कर रहे युवा इंजीनियर Rajat Jain ने अपने भाई Arpit Jain और दोस्तों के साथ मिलकर एक ऐसे हेल्थ टेक प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया, जिसने आगे चलकर बड़ी सफलता की कहानी लिख दी।

रजत जैन उस समय देहरादून की एक निजी यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। वहीं उनके भाई अर्पित जैन फाइनेंस बैकग्राउंड से जुड़े थे। दोनों भाइयों ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक ऐसी पोर्टेबल ECG मशीन बनाने का लक्ष्य तय किया, जिसे कोई भी व्यक्ति कहीं भी आसानी से इस्तेमाल कर सके।

‘स्पंदन’ डिवाइस ने बदल दी ECG जांच की तस्वीर

शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को ‘पॉकेट ECG’ नाम दिया गया था, लेकिन बाद में इसे संस्कृत शब्द ‘स्पंदन’ से प्रेरित होकर नया नाम मिला। कंपनी ने एक ऐसी पोर्टेबल ECG डिवाइस तैयार की, जो आकार में छोटी है और स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर काम करती है।

यह डिवाइस किसी भी व्यक्ति को घर बैठे ECG जांच की सुविधा देती है। इसके जरिए कुछ ही मिनटों में हृदय की धड़कनों और अनियमितताओं की जानकारी हासिल की जा सकती है।

कंपनी ने इस तकनीक की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए कई मेडिकल ट्रायल और रिसर्च किए। साल 2016 से 2021 तक लगातार रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम करने के बाद आखिरकार इस तकनीक को बाजार में लॉन्च किया गया।

‘शार्क टैंक इंडिया’ से मिली राष्ट्रीय पहचान

Sunfox Technologies को बड़ी पहचान तब मिली जब कंपनी ने लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank India में हिस्सा लिया। शो में कंपनी के ‘स्पंदन’ डिवाइस को हेल्थ टेक सेक्टर का बड़ा इनोवेशन माना गया।

निवेशकों ने इस तकनीक की सराहना की और इसे पांच स्टार रेटिंग दी गई। इसके साथ ही कंपनी को फंडिंग भी मिली, जिससे बड़े स्तर पर प्रोडक्शन और विस्तार का रास्ता खुला।

साल 2022 में कंपनी ने अपने पोर्टेबल ECG डिवाइस का मास प्रोडक्शन शुरू किया और तेजी से बाजार में अपनी जगह बनाई।

5 दोस्तों की टीम से 200 कर्मचारियों तक का सफर

Sunfox Technologies की शुरुआत सिर्फ पांच लोगों की टीम के साथ हुई थी। इनमें रजत जैन और अर्पित जैन के अलावा नितिन, सौरभ और सोबित शामिल थे। जहां कुछ लोग आईटी बैकग्राउंड से थे, वहीं कुछ मार्केटिंग और बिजनेस से जुड़े थे।

इन युवाओं ने उत्तराखंड उद्योग विभाग द्वारा स्थापित इनोवेशन सेंटर से अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। सीमित संसाधनों और कम फंडिंग के बावजूद टीम ने अपने यूनिक आइडिया पर भरोसा बनाए रखा।

आज यही कंपनी 200 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है और दुनिया के कई देशों में अपनी सेवाएं पहुंचा रही है।

‘मेड इन इंडिया’ तकनीक पर गर्व

कंपनी के को-फाउंडर अर्पित जैन के मुताबिक, उनकी पूरी टेक्नोलॉजी पूरी तरह स्वदेशी है। हार्डवेयर से लेकर सॉफ्टवेयर तक हर चीज भारत में तैयार की गई है।

उन्होंने बताया कि उनके एक करीबी दोस्त की हार्ट अटैक से मौत के बाद उन्हें इस दिशा में काम करने की प्रेरणा मिली। अस्पतालों में महंगी ECG मशीनें देखकर उन्होंने महसूस किया कि आम लोगों तक यह सुविधा आसानी से नहीं पहुंच पा रही है।

यही सोच आगे चलकर ‘स्पंदन’ डिवाइस के रूप में सामने आई, जिसने हेल्थ टेक्नोलॉजी को ज्यादा सुलभ और किफायती बना दिया।

चारधाम यात्रा में मुफ्त ECG सेवा

Sunfox Technologies उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में भी अहम भूमिका निभा रही है। कंपनी पिछले कई वर्षों से चारधाम यात्रा मार्गों पर मुफ्त ECG जांच सुविधा उपलब्ध करा रही है।

कंपनी के मुताबिक, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हार्ट अटैक के मामले लगातार सामने आते हैं। ऐसे में उनकी पोर्टेबल ECG डिवाइस यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।

कंपनी का मानना है कि यह तकनीक दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

25 देशों तक पहुंचा देहरादून का स्टार्टअप

आज Sunfox Technologies की 60 हजार से ज्यादा डिवाइस दुनिया के 25 देशों में रियल टाइम इस्तेमाल की जा रही हैं। अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका जैसे बाजारों में भी कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है।

फाउंडर रजत जैन का कहना है कि पहले विदेशी टेक कंपनियां भारत आती थीं, लेकिन अब भारतीय स्टार्टअप वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनी और बड़े स्तर पर विस्तार की तैयारी कर रही है।

चुनौतियों से सीखकर बनाई सफलता की कहानी

कंपनी के शुरुआती दिनों में फंडिंग, मैनपावर और लोगों का भरोसा जीतना सबसे बड़ी चुनौती थी। सीमित संसाधनों के कारण शुरुआती दौर में टीम ने कम सैलरी पर काम किया और कई दोस्तों को कंपनी में हिस्सेदारी देकर जोड़ा गया।

आज वही शुरुआती साथी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का हिस्सा हैं। कंपनी का कहना है कि लगातार सीखना, गलतियों से सुधार करना और इनोवेशन पर फोकस बनाए रखना ही उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है।

उत्तराखंड से निकली नई भारत की प्रेरणादायक कहानी

देहरादून के एक छोटे इनोवेशन सेंटर से शुरू हुआ यह सफर आज भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की बड़ी सफलता की मिसाल बन चुका है। Sunfox Technologies की कहानी यह साबित करती है कि सही आइडिया, मजबूत विजन और लगातार मेहनत के दम पर छोटे शहरों से भी ग्लोबल स्तर की कंपनियां खड़ी की जा सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसी पोर्टेबल हेल्थ टेक्नोलॉजी ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल सकती है। वहीं, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए यह इनोवेशन भविष्य की हेल्थ केयर जरूरतों का बड़ा समाधान बनकर उभर रहा है।

Exit mobile version