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तमिलनाडु के चर्चित यूट्यूबर सवुक्कु शंकर की गिरफ्तारी: चेन्नई में हाई वोल्टेज ड्रामा, दरवाज़ा तोड़कर पुलिस ने किया अरेस्ट

YouTuber Savukku Shankar

File Photo

चेन्नई: विवादों में घिरे तमिलनाडु के चर्चित और विवादित यूट्यूबर सवुक्कु शंकर को शनिवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी किसी सामान्य प्रक्रिया की तरह नहीं, बल्कि करीब दो से तीन घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद हुई, जिसने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी।
पुलिस जब गिरफ्तारी के लिए शंकर के घर पहुंची, तो उन्होंने दरवाज़ा खोलने से साफ इनकार कर दिया। शंकर का कहना था कि जब तक उनके वकीलों से बात नहीं की जाती, तब तक वह पुलिस को घर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे। इसी बीच उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव वीडियो शुरू कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले को “झूठा और साजिश से प्रेरित” करार दिया।

फिल्म निर्माता की शिकायत से शुरू हुआ मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सवुक्कु शंकर की गिरफ्तारी एक फिल्म निर्माता की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शंकर ने उसके साथ मारपीट की, उससे दो लाख रुपये नकद छीन लिए और बाद में कथित रूप से मानहानिकारक कंटेंट हटाने के बदले अतिरिक्त पैसे की मांग भी की।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यूट्यूबर ने अपने सोशल मीडिया प्रभाव का इस्तेमाल कर दबाव बनाने की कोशिश की। पुलिस ने इस शिकायत को गंभीर मानते हुए जांच शुरू की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी का फैसला लिया।

पुलिस और यूट्यूबर के बीच टकराव
शनिवार सुबह जब पुलिस टीम चेन्नई स्थित शंकर के अपार्टमेंट पहुंची, तो उन्होंने घर का दरवाज़ा नहीं खोला। बाहर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे गिरफ्तारी के कारण और कानूनी आधार बताने को पूरी तरह तैयार थे, लेकिन शंकर लगातार वकीलों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।
घर के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों और अंदर मौजूद लोगों के बीच बातचीत के वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में वर्दीधारी अधिकारी यह कहते नजर आए कि यदि “उचित कानूनी प्रक्रिया” के तहत जानकारी मांगी जाती है, तो गिरफ्तारी के सभी आधार साझा किए जा सकते हैं।

फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज को बुलाना पड़ा
करीब दो घंटे तक दरवाज़ा बंद रहने के बाद पुलिस ने फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने संकेत दिया कि यदि शंकर ने दरवाज़ा नहीं खोला, तो उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया जाएगा।
कुछ देर बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य दरवाज़ा तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने सवुक्कु शंकर को हिरासत में ले लिया। इस पूरी घटना ने अपार्टमेंट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

लाइव वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
गिरफ्तारी से पहले और पुलिस की मौजूदगी के दौरान सवुक्कु शंकर लगातार सोशल मीडिया पर लाइव रहे। उन्होंने वीडियो में दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह फर्जी है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
शंकर ने कहा कि वह हमेशा से “सिस्टम की कमियों” और “सत्ताधारी वर्ग की आलोचना” करते रहे हैं, इसी वजह से उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानूनी लड़ाई लड़ने की अपील भी की।

टीम के पांच सदस्य भी हिरासत में
पुलिस ने पुष्टि की है कि सवुक्कु शंकर के अलावा उनकी टीम के पांच अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है। इन सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, लेन-देन और वीडियो कंटेंट की भी जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सवुक्कु शंकर की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। उनके समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि आरोप सही हैं, तो कार्रवाई जरूरी थी।
राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कुछ नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, तो वहीं कुछ ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है।

पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानून के दायरे में की गई है। सभी आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों और जांच के निष्कर्षों के अनुसार की जाएगी।

निष्कर्ष
सवुक्कु शंकर की गिरफ्तारी केवल एक यूट्यूबर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि यह मामला सोशल मीडिया प्रभाव, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

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