Site icon Bugyal News – हिंदी समाचार | उत्तराखंड न्यूज़ | ब्रेकिंग न्यूज़ | Latest Hindi News

PM Modi Foreign Visit 2026: फ्रांस, स्लोवाकिया और G7 सम्मेलन के दौरे पर पीएम मोदी, राफेल-सबमरीन डील समेत कई अहम मुद्दों पर रहेगी नजर

PM Modi Foreign Visit 2026

Photo: AFP

नई दिल्ली/ PM Modi Foreign Visit 2026: भारत की वैश्विक कूटनीति को नई दिशा देने और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से अपने एक सप्ताह लंबे यूरोपीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। PM Modi Foreign Visit 2026 के तहत प्रधानमंत्री 13 से 19 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा करेंगे, जबकि 16-17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इस यात्रा को भारत की विदेश नीति, रक्षा सहयोग, निवेश, तकनीक और वैश्विक नेतृत्व के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री की इस यात्रा पर सबसे अधिक चर्चा रक्षा क्षेत्र में संभावित बड़े समझौतों को लेकर हो रही है। खासकर राफेल लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन पनडुब्बी परियोजना को लेकर भारत और फ्रांस के बीच बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

राफेल फाइटर जेट को लेकर हो सकती है बड़ी प्रगति

प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारतीय वायुसेना के मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) कार्यक्रम को लेकर चर्चा तेज है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, फ्रांस की प्रमुख रक्षा कंपनी डसॉल्ट एविएशन ‘मेक इन इंडिया’ मॉडल के तहत इस परियोजना को आगे बढ़ाने में रुचि दिखा रही है।

प्रस्तावित योजना के अनुसार कुछ राफेल विमान सीधे फ्रांस से तैयार अवस्था में भारत को उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण भारत में किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में भारतीय कंपनियों की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी, जिससे देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना आगे बढ़ती है तो यह केवल रक्षा सौदा नहीं होगा, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति को भी नई गति देगा। भारत पहले ही राफेल विमानों का सफल संचालन कर रहा है और इनकी क्षमता भारतीय वायुसेना के लिए गेम चेंजर साबित हुई है।

स्कॉर्पीन पनडुब्बियों पर भी आगे बढ़ सकती है बातचीत

फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग का दूसरा बड़ा आयाम स्कॉर्पीन पनडुब्बी परियोजना है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय नौसेना के लिए तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद को लेकर भी बातचीत तेज हो सकती है।

इन पनडुब्बियों का निर्माण सरकारी कंपनी मज़गांव डॉक लिमिटेड (MDL) और फ्रांस की नेवल ग्रुप के सहयोग से किया जाएगा। भारतीय नौसेना पहले ही प्रोजेक्ट-75 के तहत छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियों को अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है। नई पनडुब्बियां हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता को और अधिक मजबूत करेंगी।

फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा

यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के नीस शहर पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा करेंगे।

भारत और फ्रांस के संबंध पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं। यही वजह है कि दोनों देशों के रिश्तों को अब विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात में रक्षा सहयोग के अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और नई तकनीकों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है।

‘भारत इनोवेट्स 2026’ बनेगा स्टार्टअप जगत का बड़ा मंच

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों नीस में आयोजित होने वाले ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन भी करेंगे। यह आयोजन भारत के बढ़ते नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

इस कार्यक्रम में भारत के 120 स्टार्टअप, 15 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान और 500 से अधिक वैश्विक निवेशक भाग लेंगे। एडवांस्ड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।

भारत सरकार का मानना है कि यह आयोजन भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग के नए अवसर प्रदान करेगा तथा भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

स्लोवाकिया की यात्रा से खुलेगा नया अध्याय

PM Modi Foreign Visit 2026 का दूसरा महत्वपूर्ण पड़ाव स्लोवाकिया होगा। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की यात्रा करेगा। इस लिहाज से यह दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है।

भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल निर्माण, इंजीनियरिंग, रेलवे तकनीक और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति को भी मजबूत करेगी।

जी7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर रखेंगे भारत का पक्ष

यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक आर्थिक विकास, भू-राजनीतिक चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।

भारत को आमंत्रित भागीदार देश के रूप में बुलाया गया है, जो वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

विवाटेक सम्मेलन में भी होगी भारत की मजबूत मौजूदगी

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन ‘विवाटेक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे। यहां भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप क्रांति और तकनीकी नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

भारत की वैश्विक भूमिका को मिलेगा नया आयाम

प्रधानमंत्री मोदी का यह यूरोपीय दौरा केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की बदलती वैश्विक भूमिका का प्रतीक भी है। रक्षा सहयोग से लेकर निवेश, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रणनीतिक साझेदारी तक, यह दौरा कई अहम क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।

PM Modi Foreign Visit 2026 से फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 देशों के साथ भारत के संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही राफेल, स्कॉर्पीन और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर होने वाली प्रगति आने वाले वर्षों में भारत की रक्षा और आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

Exit mobile version