सूरत: गुजरात के सूरत शहर के नशामुक्ति केंद्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे 32 वर्षीय युवक की कर्मचारियों ने कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि युवक ने दवा लेने से इनकार किया था, जिसके बाद केंद्र के कर्मचारियों ने उसे लाठियों से पीट दिया। इस घटना ने नशामुक्ति केंद्रों में मरीजों के साथ होने वाले व्यवहार और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो परामर्शदाता (काउंसलर), एक वार्ड बॉय और एक चालक शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
डुमास क्षेत्र के नशामुक्ति केंद्र में हुई घटना
पुलिस के अनुसार यह पूरी घटना सूरत के डुमास क्षेत्र में स्थित रीवा व्यसन मुक्ति और पुनर्वास केंद्र की है। यहां 32 वर्षीय धवल राठौड़ को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए 28 फरवरी को भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान धवल राठौड़ ने किसी कारण से दवा लेने से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारियों और उसके बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने उसे जबरदस्ती काबू करने की कोशिश की और फिर कथित तौर पर उसकी पिटाई कर दी।
दवा लेने से इनकार करने पर बेरहमी से पीटा
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) श्वेता डेनियल के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि दवा लेने से इनकार करने के बाद नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारियों और धवल राठौड़ के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद आरोपियों ने उसे लाठियों से पीटना शुरू कर दिया।
मारपीट के दौरान धवल को सिर, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि घटना के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं कराया गया।
एक मार्च की रात जब उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई तो उसे 108 एम्बुलेंस की मदद से सूरत के न्यू सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई
शुरुआत में मौत को सामान्य बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस को शव पर कई चोटों के निशान दिखाई दिए। इसके बाद मामला संदिग्ध लगने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि धवल राठौड़ की मौत शरीर के विभिन्न हिस्सों पर लगी गंभीर चोटों के कारण हुई। सिर और कमर पर लगी चोटें विशेष रूप से घातक थीं।
इसके बाद पुलिस ने नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारियों और वहां भर्ती अन्य मरीजों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि दवा लेने से इनकार करने के बाद कर्मचारियों ने धवल की जमकर पिटाई की थी।
चार आरोपी गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जिग्नेश देसाई, रोहन संघानी, शैलेश वाघेला और दिलीप जोशी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार इनमें दो लोग काउंसलर हैं, एक वार्ड बॉय है और एक केंद्र का चालक है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच जारी है और यदि इस घटना में अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और वहां मरीजों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नशामुक्ति केंद्रों का उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और मानसिक सहारा देना होता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे केंद्रों में मरीजों के साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए, क्योंकि नशे की लत से जूझ रहे लोग पहले से ही मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर स्थिति में होते हैं।
परिजनों में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिवार का आरोप है कि नशामुक्ति केंद्र में उनके बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसकी वजह से उसकी जान चली गई।
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि ऐसे केंद्रों की सख्त निगरानी होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। नशामुक्ति केंद्र के संचालन, वहां की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो केंद्र के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

